क्लास में मोबाइल फोन पर बैन लगाने का मकसद यही है कि छात्र मोबाइल की बजाय अपनी पढ़ाई पर फोकस करें...
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कोमल
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Image: Mobile will be ban in uttarakhand all degree colleges soon
देहरादून: मोबाइल...जरूरत कम, लत ज्यादा। कॉलेज आने वाले छात्र भले ही किताबें लाना भूल जाएं, लेकिन मोबाइल एक सेकेंड के लिए भी हाथ से नहीं छूटता। जिधर देखो उधर बस मोबाइल स्क्रिन पर नजरें जमाये स्टूडेंट्स का जमघट दिखाई देता है। क्लासरूम में बार-बार बजने वाली फोन की घंटी के चलते स्टूडेंट्स पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते। इस राष्ट्रीय युवा दिवस पर हम उत्तराखंड के कॉलेज स्टूडेंट्स को एक जरूरी सूचना देने जा रहे हैं। ये खबर पढ़कर आपकी चिंता बढ़ने वाली है। खबर ये है कि अब उत्तराखंड के कॉलेजों में छात्र-छात्राएं क्लासरूम में मोबाइल लेकर नहीं जा पाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने तैयारी कर ली है। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी हो जाएगा। जिसके बाद क्लासरूम में मोबाइल के साथ एंट्री बैन हो जाएगी।
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नये साल पर मिली ये खबर स्टूडेंट्स का दिल तोड़ सकती है, लेकिन फैसला उनके हित में ही है ये कहना है सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का। देहरादून में एक कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि छात्रों में एकाग्रता बढ़ाने के मकसद से क्लासरूम में मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मोबाइल बैन को लेकर जल्द ही आदेश जारी होंगे। कॉलेजों में अनुशासन बनाए रखना हमारी पहली प्राथमिकता है। इसीलिए हमने कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने की हिमायत की थी, इस फैसले का विरोध भी हुआ, पर ऐसा किया जाना जरूरी था। जल्द ही हम क्लासरूम मे मोबाइल ले जाने पर पाबंदी लगाने वाले हैं। इसकी कवायद शुरू हो चुकी है, जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा। क्लास में मोबाइल ले जाने वाले छात्र पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते। जिससे उनकी एकाग्रता भंग होती है। इसका असर रिजल्ट पर भी पड़ता है। क्लास में मोबाइल फोन पर बैन लगाने का मकसद यही है कि छात्र मोबाइल की बजाय अपनी पढ़ाई पर फोकस करें। जरूरत पड़ी तो सभी कॉलेजों में कम रेंज वाले जैमर भी लगाये जाएंगे।