मौसम के लिहाज से अगले 24 घंटे मुश्किलभरे साबित होंगे। मौसम विज्ञान केंद्र ने 6 पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी का अनुमान जताया है।
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कोमल
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
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Image: Weather can change from today in Uttarakhand
चमोली: सर्दी के सितम से फिलहाल राहत नहीं मिलेगी। मौसम एक बार फिर करवट बदलेगा। पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। सोमवार को राज्य में ज्यादातर जगह धूप खिली रही, लेकिन शीतलहर की वजह से ठिठुरन बढ़ गई है। ठंडी हवाओं के चलते धूप में भी राहत नहीं मिल रही। 6 जिलों के लिए अगले 24 घंटे मुश्किलभरे साबित होंगे। मौसम विज्ञान केंद्र ने चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और बागेश्वर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। इन जिलों के लोग संभलकर रहें। मैदानी इलाकों में मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह और शाम कोहरा छाया रहेगा। कोहरे के दौरान हादसे की आशंका बढ़ जाती है, इसीलिए वाहन चलाते वक्त सावधान रहें। मौसम के लिहाज से सोमवार का दिन प्रदेश के लिए राहत भरा रहा। पहाड़ से लेकर मैदान तक धूप खिली रही, हालांकि ठंडी हवा ने लोगों को बैचेन किया हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान मौसम एक बार फिर करवट बदलेगा।
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सोमवार को धूप खिलने के बावजूद प्रदेश के चार शहरों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहा। बात करें देहरादून की तो यहां अधिकतम तापमान 21.8 और न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस रहा। उत्तरकाशी में अधिकतम तापमान 13.2 और न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। टिहरी में अधिकतम तापमान 12.8 और न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रहा। हरिद्वार में अधिकतम तापमान 20.6 और न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस रहा। पिथौरागढ़ में अधिकतम तापमान 17.0 और न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम के लिहाज से अगले 24 घंटे मुश्किलभरे साबित होंगे। छह पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। हरिद्वार जैसे मैदानी इलाकों में मंगलवार को सुबह की शुरुआत कोहरे के साथ हुई। कोहरे के अलावा आसमान में बादलों ने डेरा डाले रखा। तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बच्चे बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को ठंड से बचाकर रखें। पानी उबालकर पिलाएं। पौष्टिक आहार का सेवन करें।