चमोली को शहरी आजीविका केंद्र का तोहफा देकर डीएम Swati S Bhadauria कुर्सी की बजाय महिलाओं संग जमीन पर बिछी दरी पर बैठ गईं। उन्होंने महिलाओं की समस्याएं सुनीं, साथ ही उन्हें मदद का आश्वासन भी दिया...
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नवीन भंडारी
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Image: Dm swati s bhadauria heared women problems while sitting on carpet
चमोली: आम लोगों से कैसे जुड़ना है, उनके साथ संवाद कैसे स्थापित करना है, ये कोई चमोली की डीएम Swati S Bhadauria से सीखे। डीएम स्वाति एस भदौरिया की गिनती सूबे के काबिल युवा अफसरों में होती है। चमोली में वो ग्रामीणों के हित के लिए लगातार काम कर रही हैं। डीएम स्वाति एस भदौरिया के काम के साथ-साथ उनका अलग अंदाज भी अक्सर सुर्खियों में रहता है। लोग उनकी सादगी की तारीफ करते नहीं थकते। कुछ महीने पहले उनकी महिलाओं संग घास काटने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया में खूब वायरल हुई थीं। उनकी सादगी का एक नमूना गोपेश्वर में फिर देखने को मिला। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने जिले को शहरी आजीविका केंद्र का तोहफा दिया। वो इसका उद्घाटन करने आई थीं। कार्यक्रम में उनके बैठने के लिए कुर्सी लगी हुई थी, लेकिन डीएम कुर्सी पर बैठने की बजाय महिलाओं के साथ जमीन पर बिछाई गई दरी पर ही बैठ गईं।
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डीएम Swati S Bhadauria ने वहीं पर महिलाओं से बातचीत की। उनकी समस्याएं सुनीं। डीएम स्वाति एस भदौरिया शहरी आजीविका केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेने आईं थीं। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए महिलाओं को जिला प्रशासन की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाएगा। आजीविका केंद्र के जरिए लघु उद्योग करने वाली महिलाओं को मदद मिलेगी। डीएम ने जमीन पर बैठकर ही महिलाओं की समस्याएं भी सुनीं। डीएम को अपने बीच पाकर महिलाएं बेहद खुश थीं, साथ ही उनकी सादगी देख अचंभित भी हुईं। डीएम ने महिलाओं को अपनेपन का अहसास कराया, उन्हें मदद का भरोसा दिया। महिलाओं और ग्रामीणों ने डीएम की सादगी की खूब सराहना की।