सूबे के शिक्षक-कर्मचारी कोरोना के खतरे के साथ-साथ आर्थिक दिक्कतों से भी लड़ रहे थे। पिछले कई महीनों से सैलरी ना मिलने की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, बीता सोमवार इनके लिए बड़ी राहत लेकर आया...
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कोमल नेगी
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Image: Salary of 65000 teachers and employees released in uttarakhand
देहरादून: लॉकडाउन के बीच सैलरी ना मिलने की दिक्कतों से जूझ रहे हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहतभरी खबर है। मार्च का वेतन जारी कर दिया गया है। जिसका फायदा प्रदेश के 65 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा। सर्व शिक्षा अभियान के स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। इन्हें भी जल्द ही वेतन का भुगतान किया जाएगा। आपको बता दें कि सूबे के हजारों शिक्षकों, उपनल, पीआरडी, होमगार्ड और आउटसोर्स कर्मियों को पिछले दो महीने से सैलरी नहीं मिली थी, जबकि शिक्षक मार्च की सैलरी का इंतजार कर रहे थे। कर्मचारियों की शिकायत पर सचिव वित्त ने निदेशक कोषागार को कर्मचारियों का वेतन जारी करने के निर्देश दिए। सोमवार को कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया गया। जिससे उत्तराखंड के 65 हजार से ज्यादा शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
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लॉकडाउन के चलते लोग पहले ही परेशान हैं। उस पर सैलरी ना आने की वजह से उन्हें कोरोना के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी लड़ना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग में बेसिक और माध्यमिक के 65 हजार से अधिक शिक्षकों और इन स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों को मार्च का वेतन अब तक नहीं मिल पाया था। जबकि सर्व शिक्षा अभियान के स्कूलों में काम कर रहे छह हजार से ज्यादा टीचर फरवरी से सैलरी आने का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि शिक्षकों का वेतन बजट जारी कर दिया गया है। एसएसए के शिक्षकों का वेतन भी जल्द जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा सचिव वित्त ने निदेशक कोषागार को उपनल, पीआरडी, होमगार्ड और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी तत्काल वेतन जारी करने के निर्देश दिए हैं।