लॉकडाउन के चलते लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही है, हर कोई अपने घर लौटना चाहता है और इसमें कोई बुराई भी नहीं है, लेकिन घर लौटने के लिए इन युवकों ने जो बहाना बनाया, वो सरासर गलत था...पढ़िए पूरी खबर
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: people returning champawat during lockdown arrested
चम्पावत: लॉकडाउन बढ़ने के साथ-साथ उन लोगों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है, जो दूसरे राज्यों में फंसे हैं। आपात स्थिति में लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन कई लोग इस सुविधा का लगातार दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला चंपावत में सामने आया। यहां दो युवक पंजाब से बाइक चलाकर चंपावत पहुंच गए। हर कोई अपने घर लौटना चाहता है, इसमें कोई बुराई भी नहीं है, लेकिन घर लौटने के लिए इन युवकों ने जो बहाना बनाया, वो सरासर गलत था। जागरण की खबर के मुताबिक युवकों में से एक ने कहा कि उसके पिता की मौत हो गई है और अब उसे घर जाना है। पर जब जांच हुई मामले की असलियत जानकर पुलिस भी हैरान रह गई। जांच में पता चला कि युवक के पिता की तो 15 साल पहले ही मौत हो चुकी है। खुलासा होने पर ये दोनों घर तो नहीं पहुंचे, लेकिन क्वारेंटीन सेंटर जरूर पहुंचा दिए गए। 14 दिन तक दोनों युवकों को यहीं रहना होगा।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड के लिए बड़ी खबर, 3 मई के बाद भी बढ़ सकता है लॉकडाउन
दोनों के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। इनमें से एक युवक पाटी ब्लॉक का रहने वाला है, जबकि दूसरा बाराकोट ब्लॉक के रैघांव में रहता है। लॉकडाउन के चलते दोनों पंजाब में फंसे हुए थे। सोमवार को इन्हें पुलिस ने बनबसा जगबुड़ा पुल पर पकड़ा। पूछताछ में एक युवक ने बहाना बनाया कि उसके पिता की मौत हो गई है, बाइक में बैठे दूसरे युवक को उसने अपना रिश्तेदार बताया। कहा दोनों घर जा रहे हैं, पर जांच में दोनों का झूठ पकड़ा गया। दोनों युवक पंजाब के संगरूड़ में किसी होटल में काम करते हैं। दोनों ई-पास बनवा कर किसी तरह लोहाघाट पहुंचे थे। बताया जा रहा कि एक युवक किसी घरेलू समस्या से परेशान है। फिलहाल प्रशासन ने दोनों युवकों को एहतियातन लोहाघाट के होटल में क्वारेंटीन करा दिया है। दोनों को 14 दिन क्वारेंटीन सेंटर में रहना होगा। इनके खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की भी जाएगी।