दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासियों को उत्तराखंड लाया जा रहा है। यहां मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें गृह जनपद भेजा जा रहा है।
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कोमल नेगी
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Image: People reach uttarakhand by bus
चम्पावत: लॉकडाउन के चलते अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी उत्तराखंडी अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। राज्य सरकार इन लोगों के घर वापसी के अभियान में जुटी है। गढ़वाल-कुमाऊं के जो लोग अलग-अलग राज्यों में फंसे हैं, उनकी वापसी के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा राज्य में फंसे लोगों को भी घर भेजने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को टिहरी जाने वाले लोग देहरादून की धारा चौकी के पास इकट्ठा हुए, इन्हें टिहरी भेजा गया। बुधवार को प्रशासन ने 47 बसों में 1142 लोगों को अलग-अलग जगह के लिए रवाना किया। इसके अलावा बुधवार को रुद्रप्रयाग जिले के 1009 लोगों को भी देहरादून से रुद्रप्रयाग वापस भेजा गया, ये सभी लोग लॉकडाउन के चलते देहरादून में फंसे थे। इसके अलावा मोहाली में फंसे 133 लोगों को देहरादून लाया गया। आगे पढ़िए
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इन लोगों को पांच बसों से पहाड़ी जिलों के लिए रवाना किया गया। इनमें उत्तरकाशी के 64, टिहरी के 21, हरिद्वार के 12 और कुमाऊं के 36 लोग शामिल हैं। सभी लोगों को घर भेजने से पहले इनके स्वास्थ्य की जांच की गई। मेडिकल जांच में फिट पाए जाने वाले लोगों को ही बस में बैठने की अनुमति दी गई। इसके अलावा जो लोग दूसरे राज्यों से लौट रहे हैं, उन्हें क्वारेंटीन सेंटर भेजा जा रहा है। अलग-अलग राज्यों से लौटे प्रवासियों की देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में मेडिकल स्क्रीनिंग की जा रही है। जांच के बाद इन्हें चुने गए क्वारेंटीन सेंटर भेजा जा रहा है। इसके अलावा दूसरे राज्यों के जो लोग उत्तराखंड में फंसे हैं, उन्हें भी उनके गृह राज्य भेजा जा रहा है। बुधवार देर रात उड़ीसा के लोगों को हरिद्वार के लिए रवाना किया गया।