गाजियाबाद के गोविंदपुरम के आरके पुरम में रहने वाले एक नव विवाहित जोड़े ने हाल ही में अपनी जिंदगी के ऊपर पूर्ण विराम लगा दिया।
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अनुष्का ढौंडियाल
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Ghaziabad Vishal and Nisha Suicide
देहरादून: आत्महत्या..... यह शब्द वाकई आज के दौर में एक भयावह शब्द है और वह इसलिए क्योंकि युवा पीढ़ी जिंदगी खत्म करने की ओर बेहद तेजी से अग्रसर है। ऐसा क्यों है इसका उत्तर तो शायद ही किसी के पास हो मगर आज के समय में लोगों को यह समझाना बहुत जरूरी है कि जिंदगी खत्म कर देना उपाय नहीं है। उनके पास और भी विकल्प हैं जिससे वह फिर से खुश रह सकते हैं। युवा पीढ़ी जिनसे हमको बेहतर समाज बनने की अपेक्षाएं हैं, वे आत्महत्या जैसा कड़ा कदम उठा रही हैं और बिना भविष्य और अपने परिजनों की चिंता किए सुसाइड कर रही है। ऐसा ही कुछ गाजियाबाद में देखने को मिला। गाजियाबाद के गोविंदपुरम के आरके पुरम में रहने वाले एक नव विवाहित जोड़े ने हाल ही में अपनी जिंदगी के ऊपर पूर्ण विराम लगा दिया। गाजियाबाद के निवासी और निजी शिक्षक विशाल एवं उनकी पत्नी निशा ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली है। दोनों की शादी बीते 29 जून को ही हुई थी।
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शादी के महज कुछ दिनों के बाद ऐसा कुछ दोनों जिंदगी खत्म करने जैसा कदम उठाएंगे ये शायद ही किसी ने सोचा होगा। बात दें कि विशाल एक निजी शिक्षक था और गोविंदपुरम में कोचिंग सेंटर चलाता था। वहीं निशा नोएडा के एक प्रतिष्ठित कंपनी ने बेहद उच्च पद पर कार्यरत थी। दोनों ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या करली जिससे दोनों के परिजनों के बीच शोक पसरा हुआ है। सभी लोग सदमे में हैं और अभी तक आत्महत्या का कारण साफ नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। विशाल प्रजापति और निशा काफी लंबे समय से एक दूसरे को जानते थे और अलग-अलग जाति से संबंध रखते थे। दोनों ने परिजनों की सहमति के बाद 29 जून को शादी के 7 फेरे लिए थे। शादी के बाद विशाल के घर में निशा के आगमन से जश्न का माहौल था मगर 2 जुलाई को विशाल कुछ काम से कोचिंग सेंटर निकला और देर रात तक वापस नहीं आया। आगे पढ़िए
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जिसके बाद उसके घरवालों को उसकी चिंता हुई। अगले दिन 3 जुलाई को विशाल का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा हुआ मिला जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया। विशाल के घर में भी जवान बेटे की मृत्यु से हंगामा हो गया। वहीं विशाल के अंतिम संस्कार के बाद 3 जुलाई को ही निशा के घरवाले उसे मायके लेकर आ गए। वहीं अगले दिन निशा भी फांसी के फंदे से लटकी हुई मिली। जिसके बाद उसके परिजनों को भी गहरा सदमा लगा। इतनी बड़ी घटना की कोई ठोस वजह अबतक सामने नहीं आ पाई है। दोनों परिजनों से अलग-अलग पूछताछ हो रही है मगर कोई भी व्यक्ति कुछ भी नहीं बता पा रहा है। फिलहाल दोनों मृतकों के फोन के कॉल डीटेल्स और व्हाट्सएप को खंगाला जा रहा है। दोनों की मौत के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।