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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: कोरोना वायरस के चलते पैदा हुई अनिश्चितता लोगों को डिप्रेशन का शिकार बना रही है। हर तरफ मास्क पहने चेहरे, लॉकडाउन, बेरोजगारी, मौत की खबरें...ये सब मिलकर एक भयानक मंजर पेश कर रहे हैं। कोरोना काल के दौरान खुदकुशी के मामले तेजी से बढ़े हैं। भविष्य की अनिश्चितता लोगों को अपनी जान लेने पर मजबूर कर रही है। चमोली के गैरसैंण में रहने वाले चतुर सिंह के साथ भी यही हुआ। होम क्वारेंटीन में रह रहे चतुर सिंह ने सोमवार रात जहर खाकर खुदकुशी कर ली। वो 44 साल के थे। घटना कुनीगाड़ राजस्व क्षेत्र के छसियाकोट गांव की है। जहां 44 साल के शख्स ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। मामले की सूचना मिलते ही राजस्व पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि चतुर सिंह दूसरे शहर में नौकरी करता था। वो 3 जुलाई को गांव लौटा था। प्रशासन के निर्देश पर उसे होम क्वारेंटीन किया गया था। सोमवार रात चतुर सिंह ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।