परिवार वालों ने हत्या के बाद किशोरी की लाश को दफना दिया था, लेकिन जब पुलिस ने शव को बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम कराया, तो मामले की सच्चाई सामने आ गई।
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कोमल
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Image: Father killed daughter in Bageshwar
बागेश्वर: कभी कभी आवेश में आकर हम ऐसी घटना को अंजाम दे देते हैं, जिसका गम हमें जिंदगी भर सालता रहता है। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भी कुछ ही हुआ है। जी हां बागेश्वर का कांडा गांव। 8 जुलाई को यहां एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार वालों ने गुपचुप तरीके से किशोरी की लाश को दफना दिया था, लेकिन जब शक होने पर पुलिस ने दफनाए गए शव को बाहर निकलवाया, तो मामले की सच्चाई सामने आ गई। मरने वाली किशोरी प्रेग्नेंट थी। हत्या का आरोप उसके पिता पर लगा है। आरोपी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में उसने लोक-लाज के डर से अपनी ही बेटी का कत्ल करने की बात कबूली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के पेट में 16 हफ्ते का गर्भ होने की पुष्टि हुई है। आगे पढ़िए
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8 जुलाई को कांडा क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात हुई। परिवारवालों ने एक नाबालिग को मार कर दफना दिया। मरने वाली किशोरी अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। इस संबंध में मृतक की मां ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था। 4 लोगों के खिलाफ रेप का आरोप भी लगाया था। घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की। मिट्टी में दफन लाश को बाहर निकाल कर नाबालिग का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें उसके प्रेग्नेंट होने की बात सामने आई। शक के आधार पर पुलिस ने नाबालिग के पिता प्रकाश चंद्र कांडपाल को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ हुई तो प्रकाश चंद्र टूट गया और मामले की सच्चाई पुलिस को बताई। आरोपी ने बताया कि उसकी बेटी दादा-दादी के साथ रहती थी। आगे भी पढ़िए
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7 जुलाई को उसे लड़की के प्रेग्नेंट होने की जानकारी मिली। जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई और आरोपी अपने घर चला गया। उसी रात को आरोपी दोबारा लड़की के कमरे में गया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में आरोपी अपने घर वापस लौट गया। 8 जुलाई को आरोपी फिर से गांव पहुंचा और बेटी की आत्महत्या की कहानी गढ़ ली। उसने कहा कि लड़की ने लोकलाज के डर से खुदकुशी कर ली। गांव वालों ने भी यकीन कर लिया और नाबालिग का अंतिम संस्कार कर शव को शमशान घाट में दफना दिया। बागेश्वर पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल ने कहा कि हत्या की गुत्थी सुलझ गई है, लेकिन नाबालिग संग दुष्कर्म करने वाले अब भी पकड़ से बाहर हैं। कुछ संदिग्धों के सैंपल डीएनए जांच के लिए भेजे जाने है। डीएनए जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद ही सारी स्थिति साफ हो पाएगी। आरोपी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।