ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के बीच 125 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। जिस पर अब कुल 13 रेलवे स्टेशन होंगे।
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Komal Negi
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Image: Rishikesh Karnprayag Rail Line 13 Railway Station
ऋषिकेश: पहाड़ के लोग ट्रेन की छुक-छुक सुनने का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है ये इंतजार जल्द खत्म होगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम जारी है। साल 2024 तक प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के बीच 125 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। जिस पर अब कुल 13 रेलवे स्टेशन होंगे। पहले कहा जा रहा था कि कुल 12 रेलवे स्टेशन होंगे लेकिन पौड़ी जिले में मलेथा के पास जनासू में एक नया स्टेशन बनाया जाएगा। रेलवे स्टेशन कहां-कहां बनेंगे, ये आप भी जानना चाहते होंगे, चलिए आपको ज्यादा इंतजार नहीं कराएंगे। जिन जगहों पर रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे उनमें
1- वीरभद्र, 2- योग नगरी ऋषिकेश, 3- शिवपुरी, 4- व्यासी, 5- देवप्रयाग, 6- जनासु, 7- मलेथा, 8- श्रीनगर (चौरास), 9- धारी देवी, 10- रुद्रप्रयाग (सुमेरपुर), 11- घोलतीर, 12- गौचर, 13- कर्णप्रयाग (सेवई) हैं।
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हाड़ की रेलगाड़ी इन्हीं स्टेशनों से होते हुए आखिरी स्टेशन कर्णप्रयाग पहुंचेगी। स्टेशन के नामों की लिस्ट फाइनल हो गई है, अब बस बोर्ड लगने की तैयारी है। जल्द ही इन जगहों पर बोर्ड लगा दिए जाएंगे। परियोजना को कुल 10 पैकेज में बांटा हैं। इसके तहत पैकेज-1 का काम पूरा हो चुका है। पैकेज-1 में ऋषिकेश के वीरभद्र स्टेशन (पुनर्निर्माण) से योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन (नया निर्माण) व इससे आगे ढालवाला तक चंद्रभागा नदी पर रेल ब्रिज का काम शामिल था। रेल विकास निगम ने लॉकडाउन से पहले पैकेज-1 का काम लगभग पूरा कर दिया था। पहाड़ में ट्रेन पहुंचना लाखों लोगों के सपने का साकार होने जैसा है। गांव में ट्रेन आएगी तो संचार सेवाएं मजबूत होंगी। युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, गांव तरक्की करेंगे।