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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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रुद्रप्रयाग: कहते हैं कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। अगर मन में कुछ कर गुजरने का हौसला हो तो मंजिल आपको मिल ही जाती है। रुद्रप्रयाग जिले की रहने वाली पिंकी देवी की कहानी भी ऐसी ही है। पति की मौत के बाद आर्थिक संकट का सामना करने वाली पिंकी ने स्वरोजगार के जरिए ना सिर्फ अपनी तकदीर बदली, बल्कि गांव की दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा। आज पिंकी आत्मनिर्भर भारत की सशक्त मिसाल बन कर उभरी हैं। उनके काम से प्रभावित होकर जिला प्रशासन भी उन्हें सम्मानित कर चुका है। पिंकी उन सभी के लिए एक मिसाल हैं, जो खुद को असहाय महसूस करते हैं। चलिए आपको पहाड़ की इस बेटी के बारे में बताते हैं। पिंकी मूलरूप से ऊखीमठ ब्लॉक के सारी गांव की रहने वाली हैं। साल 2010 में उनकी शादी त्रियुगीनारायण गांव में रहने वाले भुवनेश गैरोला से हुई थी। शादी के कुछ साल तक सब ठीक रहा, लेकिन थोड़े वक्त बाद ही जिंदगी ने पिंकी का इम्तेहान लेना शुरू कर दिया। साल 2017 में किडनी की बीमारी की वजह से उनके पति की मौत हो गई। बीमार पति को बचाने के लिए पिंकी ने अपनी एक किडनी भी दी थी, लेकिन फिर भी पति की जान बच नहीं सकी। पति की मौत के बाद बुजुर्ग सास-ससुर और ननद की जिम्मेदारी पिंकी के कंधों पर आ गई। आगे पढ़िए