उत्तराखंड में भगवान के ‘घर’ चोरी.. मंदिर में रखा दानपात्र ले उड़े चोर

मंदिर के पुजारी ने बताया कि दानपात्र को पिछले एक साल से खोला नहीं गया था। बीती रात चोरों ने गेट पर लगा ताला तोड़कर वहां रखा दानपात्र उड़ा लिया। आगे पढ़िए पूरी खबर
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Rishikesh shiv sai mandir chori: Temple danpatr theft in rishikesh
Image: Temple danpatr theft in rishikesh

ऋषिकेश: उत्तराखंड में इंसान तो क्या भगवान का ‘घर’ तक सुरक्षित नहीं रह गया है। देवस्थल-मंदिर चोरों और असामाजिक तत्वों के निशाने पर हैं। मंदिरों में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला ऋषिकेश का है। जहां बदमाश मंदिर का ताला तोड़कर वहां रखा दानपात्र ले उड़े। बाद में दानपात्र मंदिर के पास स्थित झाड़ी से टूटी हालत में बरामद किया गया। मंदिर के पुजारी ने बताया कि दानपात्र को पिछले एक साल से खोला नहीं गया था। कुछ दिन बाद मंदिर की तरफ से भंडारे का आयोजन किया जाना था। उस वक्त दानपात्र को खोलकर उसमें रखी धनराशि का इस्तेमाल किया जाता, लेकिन इससे पहले ही चोरों ने दानपात्र पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश जारी है। ऋषिकेश में नंदू फार्म हरिद्वार मार्ग पर श्री शिव साईं मंदिर स्थित है। मंदिर के पुजारी हरीश चंद्र मनसा देवी गुमानीवाला में रहते हैं। बुधवार रात वो हमेशा की तरह मंदिर को बंद कर के घर चले गए थे। गुरुवार को सुबह जब वो मंदिर पहुंचे तो मंदिर के गेट का ताला टूटा हुआ था। दानपात्र के ऊपर लगाई गई सुरक्षा जाली का ताला भी तोड़ा गया था। मौके पर ही दानपात्र का टूटा हुआ ताला भी मिल गया। वहां से दानपात्र गायब था।आगे पढ़ें

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में छठ पूजा के लिए गाइडलाइन जारी..नदियों-नहरों किनारे आयोजनों पर रोक
मंदिर के पुजारी ने इस बारे में तुरंत क्षेत्र की पार्षद राधा रमोला को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दानपात्र की तलाश में जुट गई। थोड़ी देर बाद दानपात्र झाड़ी के पास से बरामद हुआ। दानपात्र के अंदर से सारी नगदी और सिक्के निकाल लिए गए थे। पुलिस को मौके से शराब के खाली पव्वे भी मिले। मंदिर के पुजारी ने बताया कि सालभर में मंदिर को जितना भी चढ़ावा मिला, वो सब दानपात्र में जमा था। जनवरी में मंदिर समिति नए साल के मौके पर भंडारे का आयोजन कराने वाली थी। उसी दौरान दानपात्र को खोला जाना था। बहरहाल पुलिस चोरों की तलाश में जुटी हुई है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सके।