उत्तराखंड: गांव वाले बोले- स्कूल के लिए मीलों पैदल चलते हैं बच्चे ..DM ने तुरंत कराई गाड़ी की व्यवस्था

एक जिलाधिकारी नैनीताल के डीएम सविन बंसल। कभी दूर दराज के गांवों में जाना, कभी गरीब परिवार के बच्चों की मदद करना, या फिर लापरवाहियों पर जिम्मेदार अधिकारियों की क्लास लगाना..
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Nainital News: DM Savin Bansal helped the students
Image: DM Savin Bansal helped the students

नैनीताल: उत्तराखंड में कुछ जिलाधिकारी हैं, जो वास्तव में अपने कामों की वजह से चर्चाओं में रहते हैं। ऐसे ही एक जिलाधिकारी नैनीताल के डीएम सविन बंसल। कभी दूर दराज के गांवों में जाना, कभी गरीब परिवार के बच्चों की मदद करना, या फिर लापरवाहियों पर जिम्मेदार अधिकारियों की क्लास लगाना..सविन बंसल के हर काम की तारीफ जनता करती है। इस बीच उन्होंने एक बड़ी समस्या का समाधान किया। दरअसल 04 दिसम्बर को खलाड में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में जिलाधिकारी सविन बंसल को क्षेत्र के लोगो ने बताया कि खलाड एवं तडी की छात्राओं को पढाई करने के लिए सिमलखा इण्टर काॅलेज जाना पडता है। वाहन की सुविधा ना होने के कारण छात्राओं को मीलों पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। अगर इण्टर काॅलेज जाने के लिए वाहन की व्यवस्था हो जाए तो इन दूर दराज की छात्राओं को सुविधा होगी। बच्चों की शिक्षा के प्रति संवेदनशील जिलाधिकारी बंसल ने खलाड एवं तडी की छात्राओं को सिमलखां इण्टर काॅलेज आने-जाने हेतु वाहन व्यवस्था के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी है। आगे पढ़िए

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बहुउद्देशीय शिविर में प्राप्त इस गम्भीर एवं संवेदनशील समस्या का जिलाधिकारी द्वारा तत्परता से निराकरण कर दिया है। डीएम सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के.के. गुप्ता को निर्देशित किया है कि छात्राओं के लिए काॅलेज तक आने-जाने के लिए तत्काल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही किराये के वाहन हेतु धनराशि खण्ड शिक्षा अधिकारी बेतालघाट को तत्काल उपलब्ध करा दें। उन्होंने कहा कि कक्षा 10 की 06 छात्राओं को बोर्ड परीक्षा अवधि में भी वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जायें। जिलाधिकारी बंसल का मानना है कि शिक्षित बालिका दो परिवारों को रोशन करने का काम करती है। शिक्षित बेटी राष्ट्र एवं समाज का गौरव है।