पहाड़ की हिमानी बिष्ट को सैल्यूट, IT कंपनी की नौकरी छोड़ सेना को चुना...अब बनेगी अफसर

होनहर हिमानी बिष्ट के पास विश्व की दो बेहतरीन आईटी कंपनियों में जॉब का ऑफर था, लेकिन उन्होंने इन दोनों कंपनियों के ऑफर को ठुकरा कर देश सेवा की राह चुनी।
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Himani Bisht Uttarakhand: Himani Bisht Army Officer
Image: Himani Bisht Army Officer

अल्मोड़ा: पहाड़ के बेटे ही नहीं बेटियां भी देशसेवा में अपना अहम योगदान दे रही हैं। अपनी प्रतिभा और मेहनत से कामयाबी का आसमान छू रही हैं। सफलता का शिखर छूने वाली इन बेटियों में अब अल्मोड़ा की हिमानी बिष्ट भी शामिल हो गई हैं। हिमानी ने शॉर्ट सर्विस कमीशन यानि एसएससी में देश में पहला स्थान हासिल कर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। उन्हें यह स्थान एनसीसी स्पेशल वुमेन कैटेगरी में मिला है। हिमानी बिष्ट ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी की छात्रा रही हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी उनकी शानदार उपलब्धि पर खुशी जताई। सबसे खास बात ये है कि हिमानी के पास विश्व की दो बेहतरीन आईटी कंपनियों में जॉब का ऑफर था, लेकिन उन्होंने इन दोनों कंपनियों के ऑफर को ठुकरा कर देशसेवा की राह चुनी।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में कोरोना वैक्सीन के नाम पर ठगी, कई लोगों को लगा चूना..आप भी बचकर रहें
हिमानी के अलावा ग्राफिक एरा के ही छात्र रहे सार्थक चौहान भी सीडीएस परीक्षा पास करने में सफल रहे। अब वो अफसर के तौर पर सेना में सेवाएं देंगे। चलिए अब आपको प्रदेश का मान बढ़ाने वाली हिमानी बिष्ट के बारे में और जानकारी देते हैं। हिमानी बिष्ट अल्मोड़ा जिले के जैंती गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी से बीएससी आईटी किया। बाद में उन्होंने साल 2018-20 के बैच में इसी यूनिवर्सिटी से एमसीए किया है। हिमानी का परिवार फिलहाल देहरादून के क्लेमेंटाउन क्षेत्र में रहता है। घर में माता-पिता और दो छोटे भाई-बहन हैं। हिमानी के पिता ध्यान सिंह बिष्ट सेना से रिटायर्ड हैं। फिलहाल वो दून में ही सर्वे ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं। मां वैजयंती बिष्ट गृहणी हैं।

यह भी पढ़ें - गढ़वाल: जरूरी बैठक में नहीं आई CMO..DM ने रोकी सैलरी, जवाब भी मांगा
हिमानी की स्कूलिंग आर्मी स्कूल से हुई है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सेना का हिस्सा बनने की तैयारी शुरू कर दी थी। एनसीसी-सी सर्टिफिकेट में ए ग्रेड हासिल करने पर हिमानी को एसएसबी के लिए इलाहाबाद बुलाया गया था। अब वो ट्रेनिंग के बाद बतौर अफसर सेना में सेवाएं देंगी। इसी तरह ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने वाले सार्थक चौहान भी सेना में सेवाएं देंगे। हिमानी और सार्थक को 7 जनवरी को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई में ज्वाईन करने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड को गौरवान्वित करने वाली हिमानी और सार्थक को राज्य समीक्षा टीम की तरफ से ढेरों बधाई। आप भी बधाई देकर पहाड़ के इन दोनों होनहारों का हौसला बढ़ाएं।