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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बना रहा है। अब एम्स में एक नया अभियान शुरू हो रहा है। ये है 'स्त्री वरदान' 'चुप्पी तोड़ो स्त्रीत्व से नाता जोड़ो'। इस अभियान के तहत गंभीर बीमारियों से ग्रसित महिलाओं का मुफ्त इलाज होगा। ये शानदार शुरुआत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 7 मार्च पर की जा रही है। उत्तराखंड राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के द्वारा अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। अब जरा इस अभियान के बारे में जान लीजिए। दरअसल न जाने कितनी महिलाएं निजी समस्याओं से जूझ रही हैं, लेकिन वो अपनी समस्याओं को किसी के सामने खुलकर बोल नहीं पाती हैं। इस समस्या को देखते हुए एम्स ऋषिकेश ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत 'चुप्पी तोड़ो स्त्रीत्व से नाता जोड़ो' अभियान शुरू किया है। इसे 'स्त्री वरदान' के नाम से प्रसिद्ध किया जा रहा है। अभियान का का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनकी निजी समस्याओं को खुलकर बोलने के लिए जागरूक करना है। गाइनेकोलॉजी विभाग द्वारा गंभीर बीमारियों से ग्रसित महिलाओं का इलाज किया जाएगा।
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