उत्तराखंड: नाबालिग बेटी की शादी कराने चले थे मा-पिता..दूल्हा पक्ष की सूझबूझ से टला मामला

बागेश्वर में नाबालिग बेटी का विवाह कराने चले थे माता-पिता। दूल्हे पक्ष की जागरूकता के चलते यह रिश्ता रोका गया और नाबालिग विवाह बंधन में बंधने से बच गई। जानिए आगे क्या हुआ
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Bageshwar News: Marriage of minor girl postponed in Bageshwar
Image: Marriage of minor girl postponed in Bageshwar

बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में लड़के वालों की जागरूकता के चलते एक नाबालिग लड़की विवाह के बंधन में बंधने से बाल-बाल बच गई। जी हां, लड़की के मां-बाप कम उम्र में उसकी शादी करवा रहे थे। वह तो दूल्हे पक्ष की जागरूकता के कारण उन्होंने यह विवाह रोक दिया। जब दूल्हा पक्ष लड़की देखने बागेश्वर आया तो वहां आकर पता लगा कि लड़की नाबालिक है। इसके बाद उन्होंने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इस बात से लड़की पक्ष काफी नाराज भी हुआ और यह विवाद पुलिस तक पहुंच गया जिसके बाद दोनों पक्षों ने पुलिस में यह लिखित समझौता पत्र दिया है कि जब लड़की बालिग हो जाएगी उसके बाद ही उसकी शादी होगी। इस पूरे समझौते के बाद मामला सुलझ गया है। चलिए अब आपको पूरे मामले से अवगत कराते हैं। पुलिस ने बताया कि बागेश्वर के गांव की निवासी एक लड़की का पिता हरियाणा में नौकरी करता है और उसी कंपनी में मुजफ्फरपुर जिले का एक और व्यक्ति नौकरी करता था। साथ में नौकरी करने के दौरान दोनों के बीच में मित्रता हो गई और इसी बीच मुजफ्फरपुर के आदमी ने अपने भाई के लिए सुयोग्य लड़की ढूंढने के लिए कहा। इसके बाद व्यक्ति ने अपनी लड़की के साथ यह रिश्ता करने की बात कही और इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बात पक्की हो गई और बीते बुधवार को दूल्हा पक्ष मुजफ्फरपुर से बागेश्वर लड़की को देखने जा पहुंचा। आगे पढ़िए

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जब उन्होंने लड़की से मुलाकात की तो यह पता लगा कि लड़की नाबालिक है जिसके बाद दूल्हे पक्ष ने शादी के लिए इंकार कर दिया और इसके बाद दोनों पक्षों के बीच में मामूली सी कहासुनी हुई और इसी बीच किसी ने इस बात की सूचना पुलिस को दे दी और पुलिस वहां पर मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने के बाद भी दूल्हा पक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा और कहा कि लड़की नाबालिग है इसलिए उनको यह रिश्ता मंजूर नहीं है। दूल्हे के ताऊ ने पुलिस के सामने शादी का विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों ने यह निर्णय लिया कि जब कन्या बालिक हो जाएगी उसके बाद ही दोनों का विवाह करवाया जाएगा। कोतवाल डीआर वर्मा के अनुसार दोनों पक्षों से पूछताछ की गई और दूल्हा पक्ष से इस बात की जानकारी ली गई। दोनों पक्षों ने लिखित में यह समझौता पत्र दिया है कि लड़की के बालिग होने के बाद ही लड़का और लड़की की शादी होगी। इस पूरी औपचारिकता के बाद पुलिस ने उन सभी को घर रवाना कर दिया।