मासूम बच्ची का शव जैसे ही मां के हाथों में थमाया गया, वो गश खाकर गिर पड़ी। बदहवास मां बार-बार बेटी से उठने के लिए कह रही थी।
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Komal Negi
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Image: Tree fallen in Champawat three died
चम्पावत: चंपावत में तेज आंधी-तूफान ने पलक झपकते ही तीन लोगों की जिंदगी लील ली। मरने वालों में पति-पत्नी के साथ उनकी मासूम पोती भी शामिल है। हादसे में जान गंवाने वाली बच्ची ने सिर्फ चार महीने पहले ही इस दुनिया में कदम रखा था, लेकिन सोमवार को सब खत्म हो गया। हादसे के वक्त ये गरीब परिवार एक पेड़ के नीचे सो रहा था। तभी तेज आंधी चली और पेड़ उखड़कर नीचे गिर गया। जिससे पेड़ की छांव में सो रहे पति-पत्नी और उनकी चार माह की मासूम पोती की दबकर मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने भी किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। दर्दनाक हादसे में माता-पिता समेत अपनी 4 महीने की बच्ची को खोने वाली मां गहरे सदमे में है। अस्पताल में जैसे ही बच्ची का शव उसे थमाया गया, वो गश खाकर गिर पड़ी। मां अपनी बेटी का शव हाथ में रखकर बार-बार उसे उठने के लिए कह रही थी। महिला की हालत देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों का भी दिल भर आया। हादसा रेलवे क्षेत्र में हुआ। जहां कबाड़ बीनकर गुजर-बसर करने वाला एक परिवार श्रम विभाग के कार्यालय के सामने एक पेड़ के नीचे आराम कर रहा था।
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कुछ लोग बैठे हुए थे और कुछ सो रहे थे। तभी तेज आंधी चलने से पेड़ उखड़कर नीचे गिर गया। पेड़ गिरने का आभास होते ही बैठे लोगों ने तो भागकर जान बचा ली, लेकिन सो रहे लोग पेड़ के नीचे दब गए। हादसे में जान गंवाने वाले दंपती की पहचान अमर सिंह (45) पुत्र प्यारे और उसकी पत्नी सुनीता (42) के रूप में हुई। वो शाहजहांपुर के रहने वाले थे। हादसे में दंपती की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल उनकी चार माह की पोती आशा पुत्री नरेश ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि अमर और सुनीता की तीन बेटियां हैं, जिनमें से एक की शादी हो गई है। सोमवार को दो बेटियां उनके साथ थी। उनका परिवार कूड़ा बीनकर ही जीवन काटता है। बहरहाल पुलिस ने मृतकों के शव परिजनों को सौंपकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।