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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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नैनीताल: उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश में वन लॉ मिनिस्टर रहे दिवंगत श्रीचंद के परिवार पर दुखों के बादल छा गए हैं। ईश्वर की क्रूरता मानो खत्म नहीं हो रही है। 1 ही हफ्ते में घर से 4 अर्थियां उठना आखिर ईश्वर की क्रूरता नहीं तो और क्या है। 4 सदस्यों का एक ही सप्ताह के भीतर परलोक सिधार जाना आखिर किसे मंजूर होगा। पूर्व में वन एवं कानून मंत्री रहे दिवंगत श्री चंद के बेटे का 1 सप्ताह पहले निधन हुआ था। बेटे की मृत्यु के दो दिन बाद वे भी चल बसे। और अब यह दुखद खबर आ रही है कि श्री चंद की दो पुत्रियों का भी नैनीताल में निधन हो गया है। आखिर यह किसने सोचा था कि 1 सप्ताह के भीतर ही परिवार के चार सदस्य हमेशा-हमेशा के लिए मौन हो जाएंगे। आपको बता दें कि भाजपा के वरिष्ठ नेता के और उत्तर प्रदेश सरकार में वन एवं कानून मंत्री भी रहे श्रीचंद कुछ समय से चलने में असमर्थ होने के कारण हल्द्वानी में रह रहे थे और उनका अधिकांश जीवन नैनीताल में ही बीता। उन्होंने 85 साल की आयु में हल्द्वानी के आवास में सुबह अंतिम सांस ली। दो रोज पहले उनके बेटे मुकेश का भी निधन हो गया था। उनके बेटे मुकेश कुमाऊं विश्वविद्यालय के बायोटेक विभाग में कार्यरत थे। 2 दिनों के अंदर ही परिवार के 2 सदस्यों की मृत्यु के शोक में डूबे परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ इस कदर टूटा कि नैनीताल में रह रहीं श्रीचंद की दोनों पुत्रियों मीना और मंजू का भी हाल ही में निधन हो गया।