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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड को न जाने किसकी बुरी नजर लग गई है। एक तरफ प्रदेश कोरोना संकट से बुरी तरह जूझ रहा है तो वहीं पहाड़ी इलाकों में लोग कुदरत के कहर से बेहाल हैं। कभी उत्तरकाशी, कभी रुद्रप्रयाग तो कभी टिहरी-चमोली में बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं। ताजा मामला देवप्रयाग क्षेत्र का है। जहां मंगलवार शाम बादल फटने से जमकर तबाही मची। दशरथ पर्वत पर बादल फटने से शांता गदेरा उफान पर आ गया। आपदा का सैलाब तबाही बनकर आगे बढ़ा और रास्ते में आने वाली हर दुकान-मकान और सड़कों को साथ बहाता ले गया। यहां बाजार क्षेत्र में जमकर तबाही हुई है। बुधवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत खुद आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे और लोगों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। साथ में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक विनोद कंडारी, जिलाधिकारी ईवा श्रीवास्तव और एसएसपी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने डीएम को प्रभावितों को अनुमन्य सहायता जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
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