उत्तराखंड: पहाड़ में कोरोना के बीच अनोखी शादी..बारात लेकर दूल्हे को लेने पहुंची दुल्हन

चंपावत एक बार फिर से एक अनोखी शादी का गवाह बना है। यहां कोरोना काल में दुल्हन को बारात लेकर दूल्हे को लेने जाना पड़ा
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Champawat news: marriage in Swala village Champawat
Image: marriage in Swala village Champawat

चम्पावत: चंपावत एक बार फिर से एक अनोखी शादी का गवाह बना है। यहां कोरोना काल में दुल्हन को बारात लेकर दूल्हे को लेने जाना पड़ा..जी हां शादी करने के लिए एक दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची। दरअसल, दूल्हे का गांव कंटेनमेंट घोषित कर दिया था। इस वजह से पहले से तय इस विवाह में अड़चन आ गई। प्रशासन ने दुल्हन को कोविड गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करते हुए 4 लोगों के साथ दूल्हे के गांव स्वाला में जाने की अनुमति दे दी। बुधवार को दुल्हन ने दूल्हे के घर पहुंचकर सात फेरे लिए। चम्पावत के पुनाबे गांव निवासी दुल्हन को शादी करने के लिए करीब 32 किमी दूर स्वाला गांव आना पड़ा। स्वाला गांव के प्रकाश भट्ट की शादी पुनाबे गांव कीप्रियंका के साथ होना तय हो चुकी थी। लेकिन स्वाला में एक साथ 47 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। विवाह से एक दिन पहले यानी मंगलवार को गांव को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया। आगे पढ़िए

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गांव को कंटेंनमेंट जोन बनाए जाने से दुल्हन और दूल्हा पक्ष के लोग सकते में आ गए। तमाम विमर्श के बाद प्रशासन ने कोविड गाइडलाइन के पालन की शर्त के साथ इस विवाह की अनुमति दी। तय किया गया कि स्वाला से पुनाबे बारात ले जाने के बजाय कन्या पक्ष स्वाला जाएगा। प्रशासन ने दुल्हन समेत चार लोगों को स्वाला जाने की अनुमति दी। इस पर दुल्हन प्रियंका चार अन्य लोगों के साथ बुधवार को स्वाला गांव पहुंची जहां विवाह की रस्में पूरी की गईं। विवाह के बाद दुल्हन की मां, पिता और पुरोहित वापस अपने गांव पुनाबे लौट गए। तीनों लोगों को प्रशासन ने होम आइसोलशन में रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल दुल्हन प्रियंका अपने ससुराल में ही रहेगी। चम्पावत तहसीलदार ज्योति धपवाल ने बताया, स्वाला गांव में 47 लोगों के पॉजिटिव आने पर गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था। कंटेनमेंट जोन से बाहर जाना प्रतिबंधित होता है।