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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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नैनीताल: कभी रुद्रप्रयाग, कभी नैनीताल, कभी टिहरी, कभी पिथौरागढ़, कभी देवप्रयाग तो कभी उत्तरकाशी...उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों में लगातार बादल फटने की घटनाएँ सामने आ रही हैं। सवाल ये है कि आखिर उत्तराखंड में लगातार इस तरह से बादल फटने की घटनाएं क्यों हो रही हैं? एक्सपर्ट्स की इस पर क्या राय है? आइए आपको बता देते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण(Cyclonic circulation), अरब सागर में बना चक्रवाती परिसंचरण और गुजरात तट के पास पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक प्रो. आरके सिंह ने इस बारे में कुछ खास बातें बताई हैं। एक समाचार पत्र से बातचीत में उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पहाड़ में मानसून से पहले ही बारिश हो रही है। आगे पढ़िए