बड़ी खबर: उत्तराखंड में ब्लैक फंगस से दूसरी मौत..5 नए मरीज सामने आए

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी ऋषिकेश एम्स में ब्लैक फंगस संक्रमित एक मरीज की मौत हो गई है।
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Black fungus uttarakhand: One more died in Rishikesh AIIMS Black Fungus
Image: One more died in Rishikesh AIIMS Black Fungus

ऋषिकेश: उत्तराखंड में कोरोनावायरस के कहर के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी ऋषिकेश एम्स में ब्लैक फंगस संक्रमित एक मरीज की मौत हो गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड में अब तक ब्लैक फंगस से संक्रमित 2 मरीजों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि 72 वर्षीय एक महिला को एम्स में भर्ती कराया गया था, वो ब्लैक फंगस से संक्रमित थी और उसकी मौत हो गई। आज ऋषिकेश एम्स में ब्लैक फंगस के 5 नए मरीज मिले हैं। अब तक कुल मिलाकर उत्तराखंड में ब्लैक फंगस के 30 मामले हो गए हैं। इन में उत्तराखंड के 17 और उत्तर प्रदेश के 13 मामले शामिल है। सुखद बात यह भी है कि इनमें से 18 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है जबकि एक मरीज को छुट्टी दे दी गई है। कुल मिलाकर कहें तो उत्तराखंड में कोरोनावायरस संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। ब हम आपको आगे बता रहे हैं कि ब्लैक फंगस के लक्षण क्या है और किस तरीके से आप इस बीमारी की पहचान कर सकते हैं आगे पढ़िए

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ब्लैक फंगस संक्रमित मरीजों के लक्षण
आंख, नाक के पास लालिमा के साथ दर्द होता है।
मरीज की नाक से काला कफ जैसा तरल पदार्थ निकलता है।
खून की उल्टी होने के साथ सिर दर्द और बुखार होता है।
मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है।
दांतों और जबड़ों में ताकत कम महसूस होने लगती है।
मरीज को चेहरे में दर्द और सूजन का एहसास होता है।
मरीजों को सीने में दर्द होता है।
इतना ही नहीं कई मरीजों को धुंधला दिखाई देता है।
-स्थिति बेहद खराब होने की स्थिति में मरीज बेहोश हो जाता है।
डॉक्टरों ने इसी के साथ अपने इम्यून सिस्टम को बढ़ाने की सलाह दी है और अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक फलों और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल किया जाए और साथ में नियमित रूप से प्राणायाम और योग भी इस इंफेक्शन से बचाने में लाभदायक होते हैं।