कई बार शिकायत करने के बाद भी ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, नतीजतन 4 जून को गांव के एक परिवार ने अपने दो सदस्यों को हमेशा के लिए खो दिया।
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कोमल नेगी
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Image: JE suspended of electricity department in Tehri Garhwal
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां बिजली विभाग की लापरवाही ने दादा-पोते की जान ले ली। खेत में काम करते वक्त बिजली का तार टूटने से दोनों लोग तार की चपेट में आ गए थे, करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले की जांच में ऊर्जा निगम के अवर अभियंता की लापरवाही सामने आई है। जिसके बाद अवर अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे थत्यूड़ से हटाकर विद्युत वितरण खंड कार्यालय नई टिहरी अटैच कर दिया गया है। जांच के दौरान पाया गया कि खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी की विद्युत लाइन का तार काफी नीचे झुका हुआ था। बिजली के पोल पर लगा पिन इंसुलेटर (चीनी मिट्टी की प्लेटें) टूटी हुई थी। ग्रामीणों ने इस बारे में विभागीय अधिकारियों को सूचना दी थी, लेकिन अधिकारी बेपरवाह बने रहे। घटना चार जून की है।
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जौनपुर ब्लॉक के अलमस गांव में रहने वाला गिरीश पुंडीर (22) पुत्र कृति सिंह और उसके दादा कुंवर सिंह (68) खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान वो हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। ग्रामीणों का आरोप था कि खेतों के ऊपर 11 केवी विद्युत लाइन के तार झूल रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, नतीजतन 4 जून को गांव के एक परिवार ने अपने दो सदस्यों को हमेशा के लिए खो दिया। घटना की जांच के लिए ऊर्जा निगम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जांच में अवर अभियंता सूरत सिंह गुसाईं की लापरवाही सामने आई है। अब अवर अभियंता के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। उसे थत्यूड़ से हटाकर विद्युत वितरण खंड कार्यालय नई टिहरी अटैच कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच कमेटी की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।