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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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पौड़ी गढ़वाल: कहते हैं पूत कपूत हो सकता है, लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती। पर बदलते वक्त के साथ मानवीय संवेदनाएं भी खत्म होती जा रही हैं। पौड़ी गढ़वाल में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने ममता को शर्मसार कर दिया। यहां कलयुगी मां एक दिन की बच्ची को पुल के नीचे छोड़ कर चली गई। इस दौरान बच्ची के साथ कोई अनहोनी हो सकती थी, वो जंगली जानवरों का निवाला बन सकती थी, लेकिन शुक्र है कि इससे पहले ही ग्रामीणों की नजर बच्ची पर पड़ गई। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। घटना थलीसैंण क्षेत्र के रौली गांव की है। जहां डाट पुल के नीचे एक दिन की नवजात बच्ची बिलखते हुए मिली। ग्रामीणों ने बताया कि गदेरे में डाट पुल के नीचे से किसी बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। वो पुल के पास पहुंचे तो देखा कि एक नवजात शिशु को कपड़ों में लपेट कर छोड़ा गया है।