उत्तराखंड: 1 जुलाई से शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय करेंगे ये बड़ा काम, 13 जिलों में होगा दौरा

उन्होंने सभी से अपील कर कहा कि "हमें प्रकृति और पर्यावरण से जोड़ता 'हरेला पर्व' को हम सभी हर्षोउल्लास और आत्मीयता से मनाएं।
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Arvind Pandey: Education Minister Arvind Pandey's visit to Uttarakhand from July 1
Image: Education Minister Arvind Pandey's visit to Uttarakhand from July 1

देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश की संस्कृति का अभिन्न अंग हरेला पर्व के अवसर पर हरेला पखवाड़ा 01 जुलाई - 15 जुलाई 2021 के अंतर्गत माननीय विद्यालयी शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, खेल, युवा कल्याण एवं पंचायती राज मंत्री, उत्तराखंड सरकार.. अरविन्द पाण्डेय संपूर्ण प्रदेश में 'गौरा देवी पर्यावरण जनजागरण यात्रा' का माननीय मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ 01 जुलाई 2021 को सेलाकुई से शुभारम्भ करेंगे। अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि चिपको आंदोलन की जननी आदरणीय गौरा देवी जी को समर्पित इस यात्रा के दौरान समस्त नौनिहालों के सुखद भविष्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सहयोग के लिए 'गौरा देवी जी' के गृह क्षेत्र रैणी गांव सहित प्रदेश के 13 जिलों के अंतर्गत 45 विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों/विद्यालयों में पौधारोपण कार्यक्रम किया जाएगा। उन्होंने हर्षपूर्वक बताया कि गत वर्ष की संकल्पना और संकल्प के अनुसार, प्रदेश सरकार के निर्णयानुसार आप सभी के सहयोग से भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित देवभूमि उत्तराखण्ड में विकसित, समस्त सुविधायुक्त, सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध अंग्रेजी माध्यम से शिक्षण हेतु राजकीय अटल उत्कृष्ट विद्यालयों (प्रत्येक विकासखंड में दो) का भी शुभारम्भ करूँगा। आगे पढ़िए

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उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों को गंभीरता जताते हुए विचार व्यक्त किये कि कोरोना काल में ऑक्सीजन की महत्ता और आवश्यकता को देखते हुए हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाना ही होगा और हमें पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु सदैव संकल्पबद्ध रहना होगा। साथ ही सभी से अपील कर कहा कि "हमें प्रकृति और पर्यावरण से जोड़ता 'हरेला पर्व' को हम सभी हर्षोउल्लास और आत्मीयता से मनाएं। आइए, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन से संबद्ध अपनी सांस्कृतिक विरासतों, लोकपर्वों को बढ़ावा दें। हमें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति, प्रतिपल आभार व्यक्त करना चाहिए। सभी से आग्रह करता हूँ कि वृक्ष लगाएं और उनका संरक्षण भी करें। साथ ही अपने स्वजनों को भी इस पुण्य कार्य हेतु प्रेरित करें।