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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: उत्तराखंड से एक सुखद खबर सामने आई है। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानी कि बीआरओ ने एक बार फिर से अपना कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। सीमित संसाधनों के साथ जटिल स्थानों पर कम समय में निर्माण कार्य करने में बीआरओ का नाम सबसे पहले आता है। सीमा सड़क संगठन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कुछ कर दिखाने का जज्बा मौजूद हो तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है। युद्ध स्तर से काम करते हुए बीआरओ ने पिथौरागढ़ में भारत को चाइना बॉर्डर से जोड़ने वाले कुलागाड़ पुल बेहद कम समय में तैयार कर दिया है। आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे की बॉर्डर सिक्योरिटी ऑर्गेनाइजेशन ने महज 5 दिन में ही में कुलागाड़ में चाइना बॉर्डर को जोड़ने वाले वैली ब्रिज को तैयार कर दिया है। महज 5 दिनों में युद्ध स्तर पर पुल को तैयार करने के बाद बीआरओ ने एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है। दरअसल पिथौरागढ़ में हो रही मूसलाधार बरसात के कारण कुलागाड़ में पुल 8 जुलाई को बह गया जिस कारण दारमा, ब्यास और चौंदास घाटी का संपर्क पूरी दुनिया से कट गया। इसी पुल के जरिए इन तीनों घाटी के लोग आवाजाही करते हैं। सेना के जवान भी आवाजाही में इस पुल का इस्तेमाल करते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह पुल बेहद अहम है। ऐसे में बीआरओ ने महज 5 दिन के भीतर ही वैली ब्रिज का निर्माण कर दिया जिसके बाद तीनों घाटियों के लोगों लिए पुल से आवाजाही शुरू हो चुकी है.