Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
चमोली: बरसात के सुहावने मौसम का आनंद केवल वे लोग ही उठा सकते हैं जो प्राकृतिक आपदाओं से कोसों दूर हैं। पहाड़ों पर बरसात अधिकांश बार आपदाओं को निमंत्रण ही देती है। वर्तमान में मॉनसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो रखा है और उसका खामियाजा पहाड़ी क्षेत्र में रह रहे लोगों को भुगतना पड़ रहा है पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण उत्तराखंड में हाल बेहाल हो रखे हैं। जगह-जगह दुर्घटनाएं हो रही हैं। जलस्तर बढ़ने से नदियां और नाले उफान पर आ रखे हैं। पानी आफत बनकर पहाड़ों में बरस रहा है। चमोली जिले के नारायण बगड़ में भी कुछ ऐसा ही हाल हो रहा है। नारायणबगड़ के गड़कोट और अंगोठ गांव के लोग बरसात के कारण बेहद परेशान चल रहे हैं। कारण भी जान लीजिए। दरअसल दोनों गांवों के नीचे भूस्खलन होने के कारण 25 मीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी झील बन गई है जो कि कई हादसों को आमंत्रण दे रही है।