झील के ऊपर ग्लास ब्रिज बनने के बाद क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा। आगे जानिए प्रोजेक्ट की खास बातें
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कोमल नेगी
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Image: Glass bridge to be built over Tehri lake
टिहरी गढ़वाल: पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड की खास पहचान है। यहां पर्यटन संबंधी बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। पौड़ी को हेरिटेज सिटी के तौर पर डेवलप किया जा रहा है, रुद्रप्रयाग में कैनोपी वॉक-वे बनाने की योजना है। इसी कड़ी में एक शानदार काम टिहरी जिले में होने वाला है। यहां टिहरी झील के ऊपर चीन के तियानमेन के जैसा ग्लास ब्रिज बनेगा। इससे पर्यटकों को स्काई वॉक का रोमांचक अनुभव मिलेगा। टिहरी झील पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहां ग्लास ब्रिज बनने के बाद क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा। टिहरी को संवारने के लिए यहां चीन के हुनान प्रांत में बने ग्लास ब्रिज की तर्ज पर ग्लास ब्रिज बनाने की योजना है। जिस पर 800 करोड़ की लागत आएगी। टिपरी मदननेगी में पारदर्शी ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। साथ ही टिहरी झील के बीच रौलाकोट के सामने रमोला गढ़ टापू के ऊपर भगवान शिव की विशाल मूर्ति लगाई जाएगी..आगे पढ़िए
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फिलहाल प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जा रही है। टिपरी रोपवे में इस समय सामान्य डिब्बा लगाया गया है। अब यहां रोपवे बॉक्स में कॉफी हाउस बनाया जाएगा, बेहतर फर्नीचर रखा जाएगा। मदननेगी से धारकोट के बीच ग्लास ब्रिज के निर्माण के साथ ही टिपरी रोपवे का सुंदरीकरण व आधुनिकीकरण किया जाएगा। कोटी कॉलोनी में हाट बाजार बनेगा। कैंपिंग साइट का विकास होगा। यहां लाइट एंड लेजर शो शुरू करने की भी योजना है। नए बोटिंग प्वाइंट और अत्याधुनिक थियेटर का निर्माण भी किया जाएगा। जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि टिहरी में पर्यटन संबंधी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। धारकोट पहुंचने के बाद छह किमी के पैदल ट्रैक से सीधे टिहरी रियासत की ग्रीष्म राजधानी रहे प्रतापनगर महल तक आया और जाया जा सकेगा। झील के ऊपर ग्लास ब्रिज बनाने की भी तैयारी है, ताकि पर्यटक स्काई वॉक के रोमांच का मजा ले सकें।