शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार के लिए छात्र और शिक्षकों की सुरक्षा सबसे पहले है। अगर भविष्य में तीसरी लहर जैसी बात होती है तो सरकार स्कूलों को दोबारा बंद कर सकती है।
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Komal Negi
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Image: Schools may be closed in Uttarakhand
देहरादून: कोरोना काल में हर किसी की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर उन नौनिहालों पर पड़ा है, जो पिछले कई महीनों से घरों में कैद हैं, स्कूल नहीं जा पा रहे। उत्तराखंड में इस स्थिति को खत्म करने के लिए 2 अगस्त से स्कूलों को खोलने की शुरुआत की गई, लेकिन अगर हालात बिगड़े तो स्कूल फिर से बंद किए जा सकते हैं। इसे लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई है। जिसमें कहा गया कि वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका जताई है, इसके बावजूद उत्तराखंड में स्कूल खोल दिए गए। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इसे लेकर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि कोर्ट ने जो सवाल पूछे हैं, उन्हें लेकर राज्य सरकार अपना जवाब कोर्ट में देगी। कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसका सम्मान किया जाएगा। रही बात कोरोना की तीसरी लहर की, तो तीसरी लहर की आहट को देखते हुए स्कूलों को बंद भी किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सबसे पहले है। अगर भविष्य में तीसरी लहर जैसी बात होती है तो सरकार स्कूलों को पुन: बंद कर सकती है। आगे पढ़िए
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कोरोना संक्रमण में सुधार आने की वजह से सरकार ने स्कूलों को खोलने का निर्णय किया है। आपको बता दें कि 2 अगस्त से प्रदेशभर में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं। कई हाई लेवल मीटिंग और कोरोना के केसों में कमी आने के बाद राज्य सरकार ने स्कूलों को खोलने का फैसला लिया था। स्कूल खोलने के साथ ही ऑनलाइन क्लासेज भी जारी हैं। सरकार ने एहतियात बरतते हुए तीन चरणों में स्कूल खोलने का निर्णय किया है। पहले चरण में सिर्फ शिक्षकों के लिए स्कूल खोले गए। 2 अगस्त से कक्षा 9 से 12वीं के छात्रों के लिए कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है। अब छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल खोले जाएंगे। बच्चे जैसे-तैसे स्कूल जाने लगे हैं, लेकिन जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उसे देख लगता है कि तीसरी लहर के आने तक स्कूलों पर फिर ताला लटक जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि अगर तीसरी लहर की आहट महसूस होती है तो सरकार स्कूल बंद करने का निर्णय ले सकती है। फिलहाल स्कूलों का संचालन जारी रहेगा, विद्यालयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इसके साथ-साथ कोरोना संक्रमण पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।