टिहरी में लोनिवि ने सड़क काट दी, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए। भारी बारिश के चलते कोटी रौल्यालूकी में दो मकानों के धंसने का खतरा पैदा हो गया है, आधा दर्जन मकान खतरे की जद में हैं।
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कोमल नेगी
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Image: houses started collapsing Due to road cutting in Tehri Garhwal
टिहरी गढ़वाल: प्रदेश में विकास के नाम पर चल रही सड़क परियोजनाएं पहाड़ों की सेहत बिगाड़ रही हैं। लगातार हो रहे ब्लास्ट से पहाड़ियां खोखली हो गई हैं। कहीं ऑलवेदर रोड धंस रही है तो कहीं निर्माणाधीन मोटर मार्ग। कई गांव भूस्खलन की चपेट में हैं, लेकिन प्रशासन बेफिक्र बना हुआ है। डराने वाली ऐसी ही एक तस्वीर टिहरी गढ़वाल के कंडीसौड़ से आई है। जहां वाल्काखाल सेलूर-कोटी निर्माणाधीन मोटर मार्ग की कटिंग तो कर दी गई, लेकिन सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए। अब भारी बारिश के चलते कोटी रौल्यालूकी में दो मकानों के धंसने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा आधा दर्जन मकान खतरे की जद में हैं। अनहोनी की आशंका से ग्रामीणों का दिल बैठा जा रहा है, वो रात-रातभर सो नहीं पाते। ग्रामीणों ने कहा कि सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो यहां बड़ा हादसा हो सकता है। जब हमने प्रशासन से शिकायत की तो पटवारी को गांव भेजकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गई।
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वहीं लोनिवि अधिकारी ग्रामीणों की समस्या के लिए पेयजल विभाग को जिम्मेदार बता रहे हैं। लोनिवि खंड चंबा के अंतर्गत वाल्काखाल-कोटी-क्यूलागी के बीच सड़क बनाई जा रही है। यहां पिछले चार साल से कटिंग और सुधारीकरण का काम हो रहा है। ग्राम प्रधान सावित्री देवी ने कहा कि लोनिवि ने सड़क तो काट दी, लेकिन कटिंग के बाद सड़क के ऊपर की तरफ मकानों की सुरक्षा के लिए पक्की दीवार नहीं बनाई। इसकी वजह से क्वांरा देवी, जबर सिंह, मंगल सिंह और साहब सिंह के मकान का आंगन क्षतिग्रस्त हो गया है। मकानों के नीचे गहरी दरारें पड़ गई हैं। मकान की दीवारों पर भी दरारें उभर आई हैं। सड़क के ऊपर के हिस्से में धंसाव होने की वजह से सड़क के नीचे स्थित चार मकानों पर भी धंसने का खतरा पैदा हो गया। वहीं लोनिवि अधिकारी कह रहे हैं कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने की वजह से पानी का रिसाव हो रहा है, इसी के चलते भूधंसाव हो रहा है। जबकि पेयजल संस्थान के अधिकारी लाइन में किसी तरह की खराबी न होने की बात कह रहे हैं।