15 सितंबर से लीजिए ऋषिकेश में राफ्टिंग का मजा...ब्रेक के बाद एक बार फिर से गंगा में राफ्टिंग के रोमांच का सफर होगा शुरू
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: water rafting in rishikesh till september 15
ऋषिकेश: भारत की साहसिक पर्यटन की राजधानी ऋषिकेश... एडवेंचर प्रेमियों की पसंदीदा जगह। दुनिया भर के लोग राफ्टिंग का स्वाद लेने के लिए ऋषिकेश की ओर आते हैं। पिछले कुछ सालों में ऋषिकेश रिवर राफ्टिंग के लिये पूरे उत्तर भारत में अपना नाम कमा चुका है। ऋषिकेश में राफ्टिंग का बेसब्री से इंतजार करने वाले लोगों के लिए एक खुशखबरी सामने आ रही है। चार महीने के बाद ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का संचालन शुरू होने वाला है आने वाली 15 सितंबर से ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग एक बार फिर से शुरु हो जाएगी। ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का संचालन तकरीबन 5 महीने से ठप पड़ा हुआ था। अप्रैल में कोविड के कारण राफ्टिंग बंद हो रखी है। जून से सितंबर मॉनसून सीजन के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ जाता है और यही वजह है कि इस सीजन में राफ्टिंग का संचालन नहीं हो पाता। राफ्टिंग कारोबारियों ने रिवर राफ्टिंग की तैयारियां शुरू कर दी हैं और सभी 15 सितंबर से पर्यटकों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सभी लोग उम्मीद जता रहे हैं कि 15 सितंबर से ऋषिकेश में पर्यटक उतने ही हर्षोल्लास से राफ्टिंग का मजा लेंगे जितना पहले लिया करते थे और उम्मीद जताई जा रही है कि ऋषिकेश में 15 सितंबर से पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ेगी।
यह भी पढ़ें - श्रीनगर में बनेगा उत्तराखंड का पहला मरीन ड्राइव, जानिए इस डबल लेन प्रोजक्ट की खास बातें
आपको बता दें कि ऋषिकेश में गंगा घाटी के कोडियाला मुनिकीरेती इको जोन में पिछले 5 महीनों से राफ्टिंग का संचालन बंद है। अप्रैल और मई में कोरोना के चलते और उसके बाद जून से सितंबर तक मानसून के चलते रिवर राफ्टिंग का संचालन नहीं हो सका था। मगर अब बरसात के बाद नए सत्र में 15 सितंबर से राफ्ट एक बार फिर से गंगा नदी में उतरने जा रहे हैं और लंबे समय के बाद पर्यटक राफ्टिंग का मजा ऋषिकेश में ले सकते हैं। आपको बता दें कि ऋषिकेश में 280 राफ्टिंग कंपनियां हैं और 575 राफ्टों का संचालन उन कंपनियों के तहत किया जाता है और ऋषिकेश में राफ्टिंग से तकरीबन 20,000 से अधिक लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। पीक सीजन में 1 महीने में यह कारोबार 50 से लेकर 60 लाख तक का हो जाता है। बीते कुछ महीनों से राफ्टिंग बंद होने के कारण कारोबार काफी अधिक प्रभावित हुआ है। ऐसे में सभी कारोबारी इस बार उम्मीद कर रहे हैं कि ऋषिकेश में नए सत्र में पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ आए ताकि उनका कारोबार भी एक बार फिर से पटरी पर लौट सके।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: नशाविहीन भांग की खेती से होगी किसानों की शानदार कमाई, दो गावों से हुई शुरुआत
ऋषिकेश में क्लब हाउस से राम झूला तक की राफ्टिंग की जाती है जो कि 9 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इसका प्रति व्यक्ति रेट 600 है। ब्रह्मपुरी से रामझूला तक भी 600 प्रति व्यक्ति रेट है और यह भी 9 किलोमीटर की दूरी तय करती है। शिवपुरी से राम झूला तक 15 किलोमीटर की दूरी के हजार रुपए हर एक व्यक्ति से चार्ज किए जाते हैं। शिवपुरी से मरीन ड्राइव तक 10 किलोमीटर की राफ्टिंग में हर व्यक्ति से ₹600 चार्ज किए जाते हैं। कोडियाला से राम झूला तक 35 किलोमीटर की राफ्टिंग में 2500 चार्ज किए जाते हैं तो वही कोडियाला से शिवपुरी तक 20 किलोमीटर की राफ्टिंग में हर व्यक्ति से 1500 रुपए लिए जाते हैं। आपको बता दें कि कोडियाला से राम झूला तक तकरीबन 35 किलोमीटर के रास्ते में गंगा के सबसे अधिक खतरनाक और रोमांचक रैपिड पड़ाव पड़ते हैं और पर्यटक इनका खूब आनंद लेते हैं। ऋषिकेश में कोडियाला से राम झूला तक की राफ्टिंग सबसे अधिक खतरनाक और रोमांच से भरी हुई मानी जाती है। कौडियाला से रामझूला तक करीब 35 किमी की दूरी पर डैनियल डीप, द वॉल, थ्री ब्लाइंड माइंस, कोर्स फायर, बटर फ्लाई, रिर्टन टू सेंटर, रोलर कॉस्टर, टी ऑफ, गोल्फ कोर्स, कैच फ्लो, इंस्पेक्शन बॉडी सफरिंग, डबल ट्रबल, हिल्ट्रॉन रैपिड गंगा के पड़ाव पर पड़ते हैं।