Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
पिथौरागढ़: इस वक्त उत्तराखंड बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। बारिश ने पहाड़ों में जमकर कहर बरपाया है। रविवार को सीमांत जिला पिथौरागढ़ आपदा के चलते हुई तबाही का गवाह बना। यहां धारचूला के जुम्मा गांव में जामुनी तोक में लगभग पांच और सिरौउड़यार तोक में दो आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मलबे की शक्ल में आया सैलाब घरों और ग्रामीणों को अपने साथ बहाता ले गया। घटना के बाद से गांव के करीब सात लोग लापता बताए जा रहे थे। इनमें से दो बच्चों के शव मलबे से बरामद कर लिए गए हैं, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि देर रात जुम्मा गांव में अतिवृष्टि के कारण हुई तबाही की सूचना मिली। यहां कई लोग लापता थे। सूचना के तत्काल बाद घटना क्षेत्र में राजस्व, एसएसबी, पुलिस, एसडीआरएफ और रेस्क्यू टीम को भेजा गया। एनडीआरएफ भी क्षेत्र मे राहत और बचाव कार्य में जुटी है। सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम ने गांव से दो शव बरामद किए हैं। 5 लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की सूचना है।