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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के एक होनहार बेटे ने समस्त उत्तराखंड का सीना गर्व से चौड़ा किया है। बागेश्वर के पवन ने नीट की परीक्षा में 59 वीं रैंक अर्जित करके यह साबित कर दिया है की सफलता पाने के लिए शहरों की सुख सुविधाओं के बीच रहना जरूरी नहीं है। गांवों में भी प्रतिभा बसती है। सीमित संसाधनों के बीच कई होनहार बच्चे शहरों की तमाम सुख-सुविधाओं के बीच पल रहे बच्चों को पीछे छोड़ देते हैं और उनकी प्रतिभा और विलक्षण बुद्धि सीमित संसाधनों में भी ऊंचे से ऊंचा मुकाम प्राप्त कर लेती है। हाल ही में लीट की परीक्षा के रिजल्ट निकले जिसमें कपकोट के एक टैक्सी ड्राइवर के बेटे ने ऑल इंडिया स्तर पर 59 वीं रैंक प्राप्त की है और भारत के तमाम युवाओं को प्रेरणा दी है। हम बात कर रहे हैं पवन सिंह बिष्ट कि जिनको लीट परीक्षा में ऑल ओवर 59वीं रैंक प्राप्त हुई है। उनके पिता पदम सिंह बिष्ट एक टैक्सी चालक हैं और टैक्सी चला कर अपने घर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पवन के पास सुविधाएं सीमित थीं, संसाधन भी सीमित थे, आर्थिक रूप से भी वे बहुत मजबूत नहीं हैं मगर उसके बावजूद भी उनका हौसला नहीं कम हुआ। उन्होंने पूरे भारत में 59 वीं रैंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया है कि सफलता पाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता और आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच भी किसी भी तरह का मुकाम हासिल किया जा सकता है। पवन की सफलता पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है और पवन के घर पर बधाइयों का तांता लग रखा है। आगे पढ़िए