उत्तराखंड में दूसरे समुदाय के लोग अवैध रूप से खरीद रहे हैं जमीन, CM ने दिए जांच के आदेश

समुदाय विशेष के लोगों ने एक साथ 13 लोगों की जमीन की रजिस्ट्री कराई। कहा गया कि जमीन की यह खरीद-फरोख्त अनुसूचित जाति के लोगों को दबाव में लेकर और प्रलोभन देकर की गई।
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Nainital land zihad: Another community people illegal purchased land in nainital
Image: Another community people illegal purchased land in nainital

नैनीताल: उत्तराखंड में लैंड जिहाद के बढ़ते मामलों के बीच एक चिंता बढ़ाने वाली खबर नैनीताल से आई है। यहां अवैध तरीके से जमीन बेचे जाने का मामला सामने आया है। समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने एससी-एसटी समुदाय के लोगों से एक जमीन का बड़ा टुकड़ा खरीदा है। बताया जा रहा है कि कुल 23,760 स्क्वॉयर फीट जमीन खरीदी गई है। मामला सरना गांव से जुड़ा है। ऑप इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 21 व 22 सितंबर को अलीगढ़ और संभल के समुदाय विशेष के लोगों ने एक साथ 13 लोगों की जमीन की रजिस्ट्री कराई। कहा गया कि जमीन की यह खरीद फरोख्त अनुसूचित जाति के लोगों को दबाव में लेकर और प्रलोभन देकर की गई। बीजेपी नेता अजेंद्र अजय ने इसे लेकर मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन दिया था। मामला बेहद गंभीर है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। ऑप इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी नेता अजेंद्र अजय के मुताबिक राज्य का कानून कहता है एससी-एसटी समुदाय के लोगों की जमीन को कलेक्टर के आदेश के बाद ही खरीदा-बेचा जा सकता है, लेकिन सरना में जमीन खरीदते वक्त हर नियम को ताक पर रख दिया गया।

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बड़ी चालाकी से इस जमीन को कृषि योग्य से गैर-कृषि योग्य बना दिया गया। जमीन खरीद के लिए धमकी और लालच का सहारा लिया गया। अजेंद्र अजय ने इस जमीन की खरीद के लिए दी गई रकम का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इस जमीन करार में बाजार वैल्यू को वास्तविक मूल्य से दस प्रतिशत कम कर के दिखाया गया है, कैश दिया गया। इसीलिए संदेह पैदा होता है कि जमीन खरीदी किसने। समुदाय विशेष के लोगों द्वारा बड़ी संख्या में जमीन खरीदे जाने से यहां की डेमोग्राफी पर असर पड़ सकता है। लैंड जिहाद की बढ़ती घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। बता दें कि नैनीताल समेत राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में समुदाय विशेष का दखल बढ़ता ही जा रहा है। उत्तराखंड में ‘लैंड जिहाद’ को लेकर यहां के निवासी खासे चिंतित हैं।