धौलादेवी ब्लॉक की हीरा देवी..सड़क बंद होने से अस्पताल नहीं पहुंच पाई, आधे रास्ते में हुई मौत

एंबुलेंस (almora dhauladevi news) के अभाव में परिजन डोली के सहारे महिला को आधे रास्ते तक लाए, लेकिन रोड बंद होने की वजह से वो समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी। इलाज में हुई देरी से महिला की जान चली गई।
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Almora Dhauladevi Hira Devi: Hira Devi of Galli village of Dhaula Devi block passed away
Image: Hira Devi of Galli village of Dhaula Devi block passed away

अल्मोड़ा: एक बार फिर चुनाव सिर पर हैं। हर बार की तरह इस बार भी स्वास्थ्य और सड़क हर पार्टी के चुनावी एजेंडे में शामिल होगा, लेकिन ये वादे कभी पूरे नहीं होंगे। सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में सड़कों पर दम तोड़ना पहाड़ की महिलाओं की नियति बन गया है। अल्मोड़ा (almora dhauladevi news) की रहने वाली हीरा देवी के साथ भी यही हुआ। गुरुवार को हीरा देवी ने घर पर ही बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन महिला को लेकर हॉस्पिटल के लिए निकले, लेकिन पिछले दिनों आई भारी आपदा के चलते मोटर मार्ग 12 दिन से बंद था। परिजन महिला को डंडी-कंडी पर लेटाकर अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन हीरा देवी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना धौलादेवी ब्लॉक के गल्ली गांव की है। 22 साल की हीरा देवी पत्नी पूरन सिंह यहीं रहा करती थी। शुक्रवार को अस्पताल के अभाव में हीरा देवी ने घर पर ही बच्ची को जन्म दिया, लेकिन बेटी के जन्म के बाद हीरा देवी की तबीयत बिगड़ती चली गई। रास्ता बंद होने की वजह से परिजन डंडी-कंडी के सहारे महिला को अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन हीरा देवी की रास्ते में मौत हो गई।

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गल्ली गांव के लोगों ने बताया कि बीते दिनों अतिवृष्टि के कारण अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हाईवे से लगी लिंक रोड डियाराखोली-रोलगल्ली मोटर मार्ग बाधित हो गया था। वाहनों की आवाजाही अभी भी बंद है। क्षेत्र के आधा दर्जन गांव के लोगों को इस वजह से परेशानी हो रही है। गुरुवार को गल्ली निवासी पूरन सिंह की पत्नी हीरा देवी को प्रसव पीड़ा हुई। गर्भवती महिला ने गांव में ही बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। महिला को इलाज की सख्त जरूरत थी। एंबुलेंस के अभाव में परिजन डोली के सहारे महिला को आधे रास्ते तक लाए, लेकिन रोड बंद होने की वजह से वो समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी। इलाज में हुई देरी (almora dhauladevi news) से महिला की जान चली गई। अगर मार्ग बंद नहीं होता तो महिला को बचाया जा सकता था। इस बारे में अधिकारियों से कई बार शिकायत भी की गई थी, लेकिन आपदा के 12 दिन बाद भी सड़क नहीं खुल पाई। अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी वंदना सिंह ने संबंधित अधिकारियों का जवाब तलब किया है।