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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: उत्तराखंड में मौसम (Uttarakhand Weather News) एक बार फिर बदलाव की ओर है। पर्वतीय क्षेत्रों में हुई भारी बर्फबारी के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। सुबह और शाम के साथ दिन में भी गुनगुनी ठंड का अहसास होने लगा है। इस बीच मौसम विज्ञानियों ने एक कंपकंपी बढ़ाने वाली खबर दी है। इस साल लोगों को कड़ाके की ठंड से जूझना पड़ेगा। वैसे तो ठंड का मौसम हर साल ही आता है, लेकिन इस बार कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इसकी वजह भी बताते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मानसून देरी से विदा हुआ। इसके अलावा ‘ला-नीना’ के असर के कारण कड़ाके की ठंड की संभावना बन रही है। इसका असर भी दिखने लगा है। दीपावली की रात इस साल की सबसे सर्द रात रही है। तराई से लेकर पहाड़ तक न्यूनतम तापमान में सामान्य से दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह के मुताबिक दीपावली की रात तराई का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
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