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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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ऋषिकेश: उत्तराखंड में (Elephants in Uttarakhand) भी आपने अक्सर सुना होगा कि हाथियों खेतों में खड़ी फसल को रौंंद दी, या हाथी ने जाने अनजाने कभी किसी की जान लेली। ऐसे में लोग गजराज को उत्पाती, पागल गुस्सैल, बिगड़ैल और न जाने कैसे कैसे नामों से पुकारते हैं। जंगल लगातार कट रहे हैं, तो आखिर वो जानवर कहा जाएंगे, जिनके घरों में इंसानों का कब्जा हो गया है? अब देखा जा रहा है लोगों में हाथियों के प्रति नफरत की भावना बढ़ने लगी है। आपको ये भी जान लेना चाहिए बाकी वन्यजीवों की अपेक्षा हाथी सबसे समझदार और संवेदनशील प्राणी होते हैं।इस बीच एक अच्छी पहल हुई है। कुछ वन्य जीव प्रेमियों ने भारत सरकार काे पत्र भेजा और लिखा कि ऐसे संबोधनों पर प्रतिबंध लगाया जाए। भारत सरकार ने इस बात संज्ञान लिया और सभी राज्यों के प्रमुख वन संरक्षकों को एक पत्र जारी किया है। पत्र में लिखा गया है कि ऐसे संबोधनों पर प्रतिबंध लगवाए जाएं। इसके अलावा हाथियों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। आगे पढ़िए
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