उत्तराखंड की झीलों (Tehri Lake SeaPlane) में अब सी प्लेन उतारने की तैयारी, सतपाल महाराज ने दिए संकेत..पढ़िए पूरी खबर
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अनुष्का
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
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Image: Plan to land seaplane in two lakes of Uttarakhand
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झीलों में सी प्लेन (Tehri Lake SeaPlane) उतारने की तैयारी की जा रही है। जी हां, जहां एक ओर पर्यटन को बढ़ाने के लिए नैनी सैनी हवाई पट्टी और गौचर-चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी का विस्तार किया जाएगा तो वहीं जल्द ही टिहरी और नानक सागर पर सी प्लेन उतारने के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने यह भरोसा दिलाया है कि जल्द उत्तराखंड के टिहरी और नानक सागर में सी प्लेन उतारे जाएंगे। दरअसल पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बीते शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई राज्यों के नागरिक उड्डयन मंत्री की बैठक में यह मुद्दा उठाया। आगे पढ़िए
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सतपाल महाराज ने बैठक में कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के राज्य सरकार टिहरी और नानक सागर और अन्य झीलों एवं जलाशयों में सी प्लेन उतारना चाहती है। इसी के साथ उन्होंने बैठक में कहा कि नैनी सैनी हवाई पट्टी और गौचर चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी को भी अपग्रेड किया जाए। सतपाल महाराज ने बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उत्तराखंड की झीलों और जलाशयों में सी प्लेन उतरेंगे। बैठक में उन्होंने कहा कि कहा कि नैनी सैनी हवाई पट्टी के साथ गौचर-चिन्यालीसौड़ को अपग्रेड किया जाए। इनको एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को स्थानांतरित किया जाए। महाराज ने बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने इन सभी प्रस्तावों पर उत्तराखंड सरकार को आश्वासन दिया। आगे पढ़िए
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इसी के साथ सतपाल महाराज ने कैबिनेट मंत्रियों को सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर से उड़ाने भरने की इजाजत भी मांगी। उनके द्वारा केंद्रीय मंत्री सिंधिया को सौंपे गए पत्र में कहा गया कि उत्तराखंड में डीजीसीए ने राज्य के कैबिनेट मंत्रियों के लिए डबल इंजन वाले हेलीकॉप्टर से जाने की अनिवार्यता की है। उत्तराखंड में डबल इंजन वाले हेलीकॉप्टर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण आपदा प्रभावित क्षेत्रों एवं आपातकालीन स्थिति में राज्य के कैबिनेट मंत्रियों को निरीक्षण में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और वे समय से पहुंच नहीं पाते हैं। इसलिए राज्य के कैबिनेट मंत्रियों के लिए पहले की भांति सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर से यात्रा की अनुमति प्रदान की जाए। सतपाल महाराज का कहना है कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया से राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और चर्चा काफी सकारात्मक रही। केंद्रीय मंत्री ने सी प्लेन (Tehri Lake SeaPlane) पॉलिसी के साथ ही राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के तीन एयरपोर्ट अपग्रेड करने के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन सरकार को दिया है।