Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
पिथौरागढ़: उत्तराखंड को यूं ही वीर सैनिकों की भूमि नहीं कहा जाता है। यहां की भूमि में सैन्य विरासत सदियों से है। यहां पर कई वीर सपूत ऐसे हैं जो कि भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं और देश का नाम ऊंचा कर रहे हैं। बात करें पिथौरागढ़ जिले की तो यहां से भी सैकड़ों युवा भारतीय सेना का हिस्सा हैं और सेना में ड्यूटी कर जिले की शान बढ़ा रहे हैं। कल गणतंत्र दिवस का जश्न पूरे उत्तराखंड में देखने को मिला मगर पिथौरागढ़ के पौण गांव में माहौल कुछ अलग ही था। पूरे क्षेत्र में जश्न पसरा हुआ था। और हो भी क्यों ना गणतंत्र दिवस पर पिथौरागढ़ ने एक और गौरव हासिल जो किया है। जिला मुख्यालय से लगे पौण गांव के मेजर नरेंद्र सिंह वल्दिया को कल गणतंत्र दिवस के मौके पर सेना मेडल से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से पिथौरागढ़ समेत समस्त पौण गांव में जश्न का माहौल साफ देखने को मिला। नरेंद्र सिंह वल्दिया वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं और अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने कई आतंकवादियों को ढेर किया है। उनके हिम्मत हौसले और जज्बे को देखते हुए उनको गणतंत्र दिवस पर सेना मेडल से नवाजा गया। बता दें कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के एक धार्मिक स्थल पर छिपे हुए 5 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। उनको यह सम्मान जम्मू कश्मीर में उनकी तैनाती स्थल पर दिया गया।
इससे पहले उनको चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ प्रशंसा पत्र, आर्मी कमांडर प्रशंसा पत्र जैसे बड़े सम्मान में मिल चुके हैं। आपको बता दें कि नरेंद्र सिंह वल्दिया सैन्य पृष्ठभूमि से नाता रखते हैं। उनके पिता कैप्टन सुरेंद्र सिंह वल्दिया अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हैं। नौकायान के क्षेत्र में उनकी शानदार उपलब्धियों को देखते हुए सरकार ने पिथौरागढ़ स्टेडियम का नाम बकायदा उनके नाम पर रखा है। उनके दादा राम सिंह वल्दिया भी कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। अपने परिवार के सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नरेंद्र भी सेना में अपनी सेवा दे रहे हैं और अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। उनकी वीरता को देखते हुए उनको गणतंत्र दिवस के मौके पर सेना मेडल से सम्मानित किया गया। नरेंद्र को यह सम्मान मिलने की जानकारी मिलते ही उनके गांव में हर्षोल्लास छा गया। पौण गांव में जश्न पसर गया और तमाम लोगों ने उनके घर पहुंचकर उनके स्वजनों को शुभकामनाएं दीं। नरेंद्र सिंह वल्दिया के परिजनों ने अपने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है तो वहीं पूर्व सैनिक संगठन इस पर खुशी जताते हुए कहा है कि नरेंद्र ने सीमांत जिले का मान बढ़ाया है।