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उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के बाजपुर क्षेत्र में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। यहां बरहैनी के जंगल में कुछ लोग तमंचे और असलहे बनाने का काम कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मामला हल्द्वानी क्षेत्र का है। जहां कालाढूंगी पुलिस और वन विभाग की टीम को जंगल में अवैध शराब बनने की सूचना मिली थी। 28 फरवरी को जब पुलिस ने मौके पर दबिश दी तो मामला कुछ और ही निकला। जंगल में कांबिंग के दौरान तीन लोग तमंचा बनाते हुए दिखे। जिनमें से दो को लोगों को पकड़ लिया गया, जबकि तीसरा अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों में गुरमीत सिंह और अमरजीत सिंह निवासी खुशालपुर शामिल हैं। दोनों आरोपी ऊधमसिंहनगर के गदरपुर के रहने वाले हैं। वहीं फरार आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू पुत्र दर्शन सिंह बरहैनी क्षेत्र का रहने वाला है।
आरोपियों की निशानदेही पर जंगल से तीन तमंचे 315 बोर और एक अर्द्धनिर्मित तमंचा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने कई बड़े खुलासे किए। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने तमंचा बनाने का हुनर कुछ समय पहले ही उत्तर प्रदेश से सीखा था। इसके बाद जंगल में अपना काम शुरू कर दिया। आरोपियों को काम शुरू किए हुए 7 दिन ही हुए थे। वो अब तक 3 लोगों को तमंचे सप्लाई कर चुके हैं। आरोपी 315 बोर के तमंचे ही बनाते थे। तीनों आरोपी रोजी-रोटी के लिए जंगल में तमंचा बनाने की फैक्ट्री चला रहे थे, लेकिन पकड़े गए। फैक्ट्री में बने तमंचे आसपास के क्षेत्र में सप्लाई किए जाते थे। बहरहाल पुलिस मामले की माओवाद कनेक्शन के एंगल से भी जांच कर रही है। आरोपियों से असलहे खरीदने वाले युवकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।