Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
देहरादून: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस के निर्माण के बीच में कई अड़चनें सामने आ रही हैं।
एक वर्ष बीत जाने के बावजूद भी एक्सप्रेस वे का कार्य 10 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो पाया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे निर्माण के नाम पर पैसा उठाकर निर्माण एजेंसी ने दूसरी परियोजना में लगा दिया। इससे एक वर्ष बीत जाने के बावजूद एक्सप्रेसवे का 10 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो सका। इस खुलासे के बाद सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।ऐसा माना जा रहा है कि मार्च अंत तक कंपनी ब्लैक लिस्ट कर दी जाएगी। साथ ही बैंक गारंटी भी जब्त हो सकती है। दबाव के बाद कंपनी ने कुछ हिस्सों में काम शुरू किया है लेकिन एनएचएआई का मानना है कि ऐसे में परियोजना तय समय पर पूरी करना मुश्किल है। इस बीच, दूसरी निर्माण एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया पर भी मंथन शुरू हो गया है।
पहले कोशिश होगी कि टेंडर प्रक्रिया में बाकी कंपनियों को मौका दिया जाए और यदि सहमति नहीं बनी तो नए सिरे से टेंडर भरा जाएगा। दरअसल एक्सप्रेसवे के दूसरे चरण में सड़क निर्माण के लिए निजी कंपनी को जनवरी 2020 में 1350 करोड़ का वर्क ऑर्डर जारी हुआ। कंपनी ने बकायदा लोनी बॉर्डर से बागपत (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे) तक निर्माण भी शुरू किया। एनएचएआई ने 65 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की, लेकिन उसके बाद आगे काम नहीं किया। करीब एक वर्ष बीत जाने पर एनएचएआई ने जब गहनता से जांच की तो पता चला कि कंपनी संबंधित खाते से 65 करोड़ रुपये अपने अन्य प्रोजेक्ट के लिए निकाल कर ले गई है। अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि नए सिरे से दूसरी कंपनी को कार्य सौंपा जाएगा।