दूध बेचकर गांव लौटते वक्त तीनों नाबालिगों ने बाजार से एक लाइटर खरीदा और उससे जंगल जलाने निकल पड़े। वन विभाग ने तीनों के परिजनों से जुर्माना वसूला है।
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कोमल नेगी
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Image: 3 minors were preparing to burn the forest in Bageshwar
बागेश्वर: उत्तराखंड...वो राज्य जहां वनों को बचाने के लिए बड़े-बड़े आंदोलन हुए। यहां के लोगों का आज भी जंगल और प्रकृति से गहरा लगाव है।
3 minors prepared to burn the forest in Bageshwar
इसी उत्तराखंड राज्य के बागेश्वर में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां तीन नाबालिग जंगल में आग लगाते पकड़े गए। वनकर्मियों ने बाद में नाबालिगों के परिजनों को बुलाया। उनसे पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला, तब कहीं जाकर आरोपी बच्चों को निजी मुचलके पर छोड़ा गया। जंगल में आग लगाने वालों को पकड़ने की विभाग की यह तीसरी कार्रवाई है। इससे पहले दो लागों से 10 तथा साढ़े दस हजार रुपये की वसूली विभाग कर चुका है। गर्मी बढ़ने के साथ ही उत्तराखंड के जंगल धधकने लगे हैं। बारिश के बाद जिले में जंगल की आग बुझ गई, लेकिन शरारती तत्व अभी भी जंगल को आग में झोंकने से बाज नहीं आ रहे हैं।
देर शाम वन पंचायत जुलकिया के जंगल में तीन नाबालिगों को आग लगाते हुए वन विभाग ने पकड़ लिया। कठायतबाड़ा से वन विभाग की टीम ने देखा की वन पंचायत जुलकिया में अचानक तीन जगह आग लग गई। उन्होंने इसकी सूचना क्रू सेंटर जौलकांडे को दी। जिसके बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो तीन नाबालिग जंगल में आग लगाते दिखे। उनके हाथ में लाइटर था। पकड़े गए तीनों नाबालिग जौलकांडे के निवासी हैं, जो बाजार से दूध बेचकर अपने घर जा रहे थे। इस दौरान उन्हें शरारत सूझी और वो जंगल को जलाने लगे। आरोपियों को पकड़ने के बाद ग्राम प्रधान की उपस्थिति में वन विभाग ने उनके परिजनों से 5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला और उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा। बता दें कि बागेश्वर रेंज में जंगल में आग लगाने वालों पर विभाग पैनी नजर बनाए हुए है। यहां अब तक जंगल में आग लगाने वाले तीन लोग पकड़े जा चुके हैं।