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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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हल्द्वानी: उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित हल्द्वानी में इन दिनों नशीले पदार्थों और स्मैक तस्करी का धंधा करने वालों की तादात काफी बढ़ गई है। बेलबाबा के पास से 129 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। तो वहीं बनभूलपुरा के पास से भारी मात्रा में दो भाई बहनों समेत तीन आरोपियों को नशीले इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किया है।
स्मैक के साथ गिरफ्तार हुए पिता और पुत्र ने अपना नाम राजेश कुमार व गिरीश बाबू बताया। वहीं असद वारसी व उसकी बहन सोनम व बंजारन मस्जिद के पास रहने वाले मो. समीर को 400 नशीले इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किया। दरअसल पुलिस और एसओजी ने संयुक्त कार्रवाई कर पिता-पुत्र को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। वहीं बनभूलपुरा पुलिस ने भाई-बहन समेत तीन आरोपितों को भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शनों के साथ पकड़ा है। आरोपितों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसएसपी पंकज भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को कोतवाल हरेंद्र चौधरी व एसओजी प्रभारी नंदन सिंह रावत के नेतृत्व में टीम ने बेलबाबा के पास बाइक सवारों को रोका। जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके कब्जे से 129 ग्राम स्मैक बरामद हुई।
आरोपितों ने अपना नाम ग्राम राजेश कुमार व गिरीश बाबू बताया। पुलिस पूछताछ में राजेश ने बताया कि वह अपने बेटे गिरीश के साथ हल्द्वानी के स्कूली बच्चों व पहाड़ी इलाकों में स्मैक बेचता है। पुलिस ने दोनों बाप बेटों के पास से बरामद हुई स्मैक को जब्त कर दोनों को जेल भेज दिया है। वहीं ऐसा ही कुछ हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में भी देखने को मिला। एसएसपी ने बताया कि बनभूलपुरा थाना एसओ नीरज भाकुनी ने टीम के साथ नई बस्ती को जाने वाले मार्ग पर नई बस्ती कब्रिस्तान निवासी असद वारसी व उसकी बहन सोनम व बंजारन मस्जिद के पास रहने वाले मो. समीर को 400 नशीले इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सोनम ने बताया कि उसे कर्ज हो गया था। उसने अपने भाई असद वारसी से मदद मांगी। भाई ने कुछ रुपये खर्च कर अच्छा मुनाफा कमाकर देने का लालच दिया तो सोनम उसके साथ मिल गई। नशे के इंजेक्शन सोनम अपने घर में ही छुपाकर रखती थी। वहीं इंजेक्शन सप्लाई के दौरान पुलिस से बचने के लिए वह अपने बैग में डाक्टर का पर्चा हमेशा लेकर चलती थी ताकि पकड़े जाने पर डॉक्टर के पास जाने की बात कह सके। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।