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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित भिकियासैंण की बेटी ने जिले और संपूर्ण राज्य का नाम गौरवान्वित किया है।
भिकियासैंण की शांति गोस्वामी अपनी कड़ी मेहनत और परिश्रम के बलबूते पर दिल्ली पुलिस में एसीपी बन गई हैं। वे मूल रूप से अल्मोड़ा के भिकियासैंण तहसील गांव खूना की निवासी हैं। कड़ी मेहनत और मजबूत हौसले के बल पर उनको देश की राजधानी दिल्ली में सहायक पुलिस अधीक्षक का पद प्राप्त हुआ है। इससे पहले वे पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थीं। बचपन से ही उनके अंदर कुछ कर दिखाने का जज्बा था। बचपन से ही वे मेधावी छात्रा रही हैं। आगे पढ़िए
उन्होंने गांव से स्कूल खत्म करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के टॉप के कॉलेज लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन और स्नातकोत्तर किया और इसके बाद कड़ी मेहनत से 1994 में लोक सेवा आयोग दिल्ली में सहायक सब इंस्पेक्टर के पद पर चयनित हुईं। उन्होंने कोरोना काल में उत्तराखंड की भी काफी मदद की है और राजधानी दिल्ली से उन्होंने अपने खर्चे पर कई लोगों को सुरक्षित उत्तराखंड पहुंचाया है। दिल्ली में भी कोरोना काल के दौरान उन्होंने प्रवासियों को रहने और खाने की दिक्कत ना हो इसके लिए कड़े इंतजाम किए। देश सेवा का जज्बा अपने दिल में पाले वे लगातार समाज में शांति स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं और यह समस्त उत्तराखंड और अल्मोड़ा के लिए गर्व की बात है।