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उत्तरकाशी: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा में नकल और पेपर लीक मामले में अब तक हाकम सिंह रावत Hakam Singh Rawat समेत 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, 83 लाख की नगदी बरामद हुई है।
एसटीएफ की जांच में कई नेताओं का नाम भी सामने आया है, जिसके बाद अब इस केस में ईडी की एंट्री होने जा रही है। खबर है कि ईडी नकल माफियाओं की अवैध संपत्ति को लेकर बड़ी कार्रवाई कर सकती है। नकल माफियाओं को खत्म करने के लिए एसटीएफ केंद्रीय एजेंसियों से जानकारी साझा करेगी। एसटीएफ ने बताया कि अभी तक गिरफ्तार कुछ अभियुक्तों के पेपर लीक के माध्यम से काफी संपत्ति अर्जित करने के तथ्य प्रकाश में आए हैं। 83 लाख की नगदी भी मिली है। इसे देखते हुए मामले की एफआईआर और प्रारंभिक रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय को भेजी जा रही है। आगे पढ़िए
जांच में जो अवैध संपत्ति की जानकरी आएगी वो भी केंद्रीय एजेंसी से साझा की जाएगी। एसटीएफ ने मजबूत कानूनी शिकंजा कसने के लिए अब तक 15 अहम गवाहों के बयान कलमबंद कराए हैं। गवाहों की जानकारी गोपनीय रखी जा रही है। बता दें कि पेपर लीक मामले में सचिवालय कर्मचारी, कोर्ट कर्मचारी, पुलिसकर्मी, अध्यापक, बीजेपी नेता समेत 19 लोग एसटीएफ की गिरफ्त में आ चुके हैं। अब जांच में ईडी की एंट्री के बाद से नकल माफिया में हलचल मची हुई है। उधर पेपर लीक मामले में एसटीएफ उत्तरकाशी जिले से एक अभ्यर्थी को भी दून लेकर आई है। बताया जा रहा है कि इस अभ्यर्थी ने भी हल किया हुआ पेपर खरीदकर परीक्षा दी थी। सूत्रों के मुताबिक, इसका नाम अंकित रमोला है और यह हाकम सिंह Hakam Singh Rawat का करीबी है। एसटीएफ ने अभ्यर्थी को दून लाने की पुष्टि की है।