केदारनाथ मंदिर की पहरेदारी करने को मजबूर तीर्थ पुरोहित, जानिए क्या है नए विवाद की जड़

केदारनाथ मंदिर के लिए महाराष्ट्र के एक दानी दाता ने स्वर्ण दान किया है। जिससे मंदिर का गर्भगृह स्वर्णमंडित किया जा रहा है।
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kedarnath temple gold: Protest against putting gold in Kedarnath temple
Image: Protest against putting gold in Kedarnath temple

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित किये जाने की तैयारी है।

Kedarnath Temple Gold Controversy

खबरों के अनुसार केदारनाथ मंदिर हेतु महाराष्ट्र के एक दानी दाता ने स्वर्ण दान किया है। जिससे मंदिर का गर्भगृह स्वर्णमंडित किया जा रहा है। बदरी-केदार मंदिर समिति इसे रचनात्मक कार्य बता रही है तो वहीं तीर्थ पुरोहित मंदिर के गर्भ गृह में सोना लगाने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थ पुरोहित समाज की चिंता मन्दिर के गर्भगृह की दीवारों की सुरक्षा को लेकर है। उन्होंने कहा कि जो लोग समर्थन कर भी रहे हैं वह बदरी-केदार मंदिर समिति में सदस्य है, इसलिए उनका समर्थन करना स्वाभाविक है, लेकिन अन्य सभी तीर्थपुरोहित इसका विरोध कर रहे हैं। वरिष्ठ तीर्थपुरोहित आनंद शुक्ला ने कहा कि केदारनाथ धाम के कोई भी तीर्थ पुरोहित गर्भ गृह में सोना लगाने के पक्ष में नहीं है। आगे पढ़िए

तीर्थपुरोहित आनंद शुक्ला ने कहा कि श्रीनिवास पोस्ती वरिष्ठ व्यक्ति हैं और वर्तमान में बदरी-केदार मंदिर समिति के सदस्य हैं। इसलिए उनके द्वारा समर्थन में ही बयान दिया जाना है। मन्दिर समिति जरूर सोना लगवा सकती है। मंदिर की छत पर, मंदिर का शीर्ष कलश, भगवान की जलेरी, छत्र, आरती के दिए आदि को स्वर्ण धातु का कराया जा सकता है, लेकिन मंदिर समिति को मंदिर की सुरक्षा के साथ छेड़छाड़ नहीं करने दिया जाएगा। केदारनाथ के सभी तीर्थपुरोहित एक स्वर में इसका विरोध करेंगे। उधर, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित किये जाने को उचित बताया है। उन्होंने कहा इस रचनात्मक कार्य पर रार तकरार उचित नहीं। उन्होंने सभी से इस कार्य में सहयोग देने की अपील की है।