पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मुझे ये कहने में कोई हिचक नहीं है कि यूपी से अलग होने के बाद भी प्रदेश में कमीशनखोरी बढ़ी है, ये एक मानसिकता है। देखिए वीडियो
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कोमल नेगी
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Image: Tirath Singh Rawat statement on commission
पौड़ी गढ़वाल: पूर्व मुख्यमंत्री और गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत जब-तब अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। बीते साल 10 मार्च 2021 से 4 जुलाई 2021 तक उन्होंने मुख्यमंत्री पद का जिम्मा संभाला, लेकिन कुछ ही महीने बाद मुख्यमंत्री पद से उनकी विदाई हो गई।
Tirath Singh Rawat statement on commission
दरअसल तीरथ सिंह रावत के बयानों ने बीजेपी को असहज कर दिया था। इन दिनों पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत का एक और बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। यूपी और उत्तराखंड सरकार को लेकर दिए अपने बयान में तीरथ सिंह रावत कह रहे हैं कि उन्हें ये कहते हुए किसी भी तरह की कोई हिचक नहीं है कि उत्तराखंड में कमीशनखोरी और ज्यादा हो गई है। तीरथ सिंह रावत बीजेपी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति की बात कहती रही है। अब तीरथ सिंह रावत खुद स्वीकार कर रहे हैं कि यूपी से अलग होने के बाद उत्तराखंड में कमीशनखोरी बढ़ गई है। आगे देखिए वीडियो
वायरल बयान में पूर्व सीएम कह रहे हैं कि वो बहुत जगह बताते हैं कि कहीं भी बिना कमीशन कुछ नहीं होता। मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं होती है कि जब हम उत्तरप्रदेश में थे, तब वहां 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। अलग होने के बाद हमको कमीशनखोरी छोड़कर जीरो पर आना चाहिए था, लेकिन उत्तराखंड में भी 20 प्रतिशत कमीशनखोरी शुरू हो गई। तीरथ सिंह रावत आगे कहते हैं कि जब तक लोगों में यह भाव नहीं आएगा कि यह मेरा प्रदेश है, मेरा परिवार है तब तक कमीशनखोरी दूर नहीं होगी। उन्होंने ये भी कहा कि इसके लिए किसी को दोष नहीं दिया जा सकता। यह मानसिकता है। इसे ठीक करने की जरूरत है। बता दें कि तीरथ सिंह रावत अपने विवादित बयानों के लिए पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। बीते साल उनके फटी जींस पर दिए एक बयान ने देश की सियासत में भूचाल ला दिया था। वीडियो साभार (न्यूज हाईट)