स्कूलों में जाकर प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी। इस टीम में पटवारी, लेखपाल, कानूनगो और सीएससी के डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल होंगे।
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कोमल नेगी
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Image: Certificates of students will be made in schools of Uttarakhand
देहरादून: राज्य सरकार ने उत्तराखंड के स्कूली छात्रों की एक बड़ी समस्या हल कर दी है।
Uttarakhand School Certificate Scheme
अब 11वीं और 12 वीं कक्षा के छात्रों को अपने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अधिकारी खुद स्कूल आकर उनके प्रमाण पत्र तैयार करेंगे। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में अपणों स्कूल-अपणू प्रमाण योजना लागू कर दी गई हैं। योजना के तहत प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में मुख्य शिक्षा अधिकारी भी रहेंगे। कमेटी को अपने जिले में कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या का ब्यौरा जुटाना होगा। एक कमेटी तहसील में एसडीएम के स्तर पर भी बनेगी। स्कूलों में जाकर प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी। इस टीम में पटवारी, लेखपाल, कानूनगो और सीएससी के डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल होंगे। आगे पढ़िए
टीम के सदस्य रोस्टर के अनुसार जरूरी शुल्क लेकर दस्तावेज जुटाएंगे। इन दस्तावेजों को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से तहसीलदार व एसडीएम कार्यालय भेजा जाएगा। शुल्क और दस्तावेज मिलने के बाद एसडीएम कार्यालय से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। 1 हफ्ते के भीतर इन प्रमाण पत्रों को स्कूल के प्रधानाचार्य को उपलब्ध कराया जाएगा। सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने कहा कि यह कार्यवाही 2 महीने के भीतर शुरू करनी होगी। इसके अलावा डीएम अपने-अपने जिलों की साप्ताहिक सूचना भी शासन को उपलब्ध कराएंगे। सोमवार को सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने सभी डीएम को इसके आदेश जारी कर नई व्यवस्था के तहत कार्य करने के निर्देश दिए।