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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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उत्तराखंड ऋषिकेश अब प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल बन गया है जहां पर किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा मरीजों को दी जाएगी और कई मरीजों के लाखों रुपए बच जाएंगे। दरअसल किडनी ट्रांसप्लांट बेहद महंगा इलाज होता है जिसमें निजी अस्पताल लोगों से लाखों लाखों रुपए ले लेते हैं और कई गरीब लोग इसे अफॉर्ड नहीं कर पाते। उत्तराखंड में अब तक एक भी सरकारी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं थी। ऐसे में लोगों को किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए बाहर के सरकारी अस्पतालों के धक्के खाने पड़ते थे।।केवल निजी अस्पतालों में ही किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा मौजूद थी। मगर अब एम्स ऋषिकेश में यह सुविधा उपलब्ध हो गई है और इससे कई मरीजों को लाभ होगा।
केंद्र से किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट के संचालन हेतु आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद एम्स ऋषिकेश में गुर्दा प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू कर दी गई है। हाल ही में नैनीताल के एक 27 वर्ष के मरीज की किडनी ट्रांसप्लांट कर उसे एक नया जीवन दिया गया है। यह इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी खर्च पर किया गया है। एम्स ऋषिकेश उत्तराखंड का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है जहां यह सुविधा शुरू हो गई है। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने बताया कि मरीजों को नया जीवन दान देने के लिए एम्स ऋषिकेश में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की गई है और निकट भविष्य में लिवर ट्रांसप्लांट सहित अन्य बीमारियों से संबंधित ऑर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी।