उत्तराखंड में घर बनाना हुआ महंगा, आम जनता को लगा झटका

प्रदेश में पहले दूसरे राज्यों से रेत-बजरी की सप्लाई हुआ करती थी, लेकिन फिलहाल ये बंद है। इसका असर रेत-बजरी की कीमतों पर पड़ा है।
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Uttarakhand building house costly: Sand gravel brick prices increased in Uttarakhand
Image: Sand gravel brick prices increased in Uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड के लोगों को महंगाई का एक ओर झटका लगा है।

Sand gravel brick prices increased in Uttarakhand

यहां रेत-बजरी के दाम बढ़ गए हैं। सरिया और सीमेंट का भाव भी बढ़ा है। जिसके चलते घर बनाना अब और महंगा हो गया है। कई जिलों में रेत-बजरी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। प्रदेश में पहले दूसरे राज्यों से रेत-बजरी की सप्लाई हुआ करती थी, लेकिन फिलहाल ये बंद है। ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्ती की जा रही है। दूसरे राज्यों से रेत-बजरी की सप्लाई बंद हुई तो प्रदेश में रेत-बजरी की कीमतों में बेतहाशा इजाफा हो गया। बीते एक महीने में रेत-बजरी की कीमतों में 20 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। देहरादून में बजरी 400 रुपये प्रति टन और रेत 700 रुपये प्रति टन तक महंगी हुई है। ईंट के रेट में भी इजाफा हुआ है।

देहरादून में रेत-बजरी के साथ ईंट की कीमतें बढ़ गई हैं। बता दें कि पहले देहरादून में हिमाचल से रेत-बजरी की सप्लाई हुआ करती थी, लेकिन अब इस पर रोक लगा दी गई है। यहां पर हरिद्वार-डोईवाला से रेत-बजरी की सप्लाई की जा रही है। निर्माण कार्यों से जुड़े कांट्रेक्टर कहते हैं कि देहरादून में लंबे समय से रेत-बजरी का संकट है। इस वक्त 20 टन बजरी का ट्रक 27 हजार रुपये तक पहुंच गया है। यह पहले 18 से 19 हजार रुपये में मिलता था। यही हाल रेत सप्लाई का भी है। 20 टन रेत के ट्रक की कीमत 16 हजार रुपये से करीब 87 फीसदी तक बढ़ गई है। अब रेत के 20 टन के ट्रक की कीमत के तौर पर 30 हजार रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। एक महीने में एक कुंतल बजरी की कीमत में 35 से 40 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। ईंट के दाम भी 500 रुपये तक बढ़े हैं। पहले 1000 ईंट 64 सौ रुपये में मिलती थी, अब इसके लिए 7 हजार रुपये तक खर्चने पड़ रहे हैं।